15 August 1947 History : 15 अगस्त 1947 से ठीक 72 घंटे पहले, 12, 13 और 14 अगस्त 1947 को भारत में क्या चल रहा था. यह फोटो स्टोरी आपको उन ऐतिहासिक दिनों की अनदेखी तस्वीरें और महत्वपूर्ण घटनाओं से रूबरू कराएगा.


इधर नई दिल्ली में संसद और लाल किले को रोशनी से सजाया गया और आजादी समारोह की अंतिम तैयारियों की रिहर्सल हुई. पंडित नेहरू ने सरदार पटेल, डॉ. आंबेडकर और मौलाना आजाद के साथ पहले मंत्रिमंडल को अंतिम रूप दिया. वक्त कम था, लेकिन देश में आजादी के ऐतिहासिक पल की तैयारियां पूरे जोर-शोर से चल रही थीं.

14 अगस्त की सुबह कराची में सत्ता हस्तांतरण के साथ पाकिस्तान डोमिनियन अस्तित्व में आया. उसी रात दिल्ली के संसद भवन के सेंट्रल हॉल में सुचिता कृपलानी ने वंदे मातरम गाया. रात करीब 11: 55 बजे पंडित जवाहरलाल नेहरू ने अपना ऐतिहासिक ‘Tryst with Destiny’ भाषण दिया. मध्यरात्रि में भारत आजादी की नई सुबह की ओर बढ़ रहा था और इतिहास का एक नया अध्याय लिखा जा रहा था.

15 अगस्त की मध्यरात्रि घड़ी की सुइयों ने 12 बजाए और भारत स्वतंत्र राष्ट्र बन गया. शंख, बिगुल और देशभक्ति के नारों के बीच आजाद भारत के तिरंगे ने नई सुबह का स्वागत किया. देश सेवा की शपथ के साथ लॉर्ड माउंटबेटन ने स्वतंत्र भारत के पहले गवर्नर-जनरल के रूप में पद संभाला. यह ऐतिहासिक पल भारत के स्वतंत्रता संग्राम की लंबी यात्रा का गौरवशाली पड़ाव बना.




