कड़ाके की धूप और भीषण उमस के बावजूद सुल्तानगंज में आस्था का अटूट सैलाब देखने को मिला. डेढ़ लाख से अधिक कांवरिए गंगाजल लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए रवाना हुए. शिवभक्तों के उत्साह के आगे गर्मी बेअसर दिखी.
श्रावण शुक्ल प्रतिपदा के मौके पर सुल्तानगंज में आस्था का अटूट सैलाब देखने को मिला. कड़ाके की धूप और भीषण उमस के बावजूद उत्तरवाहिनी गंगा तट से गंगाजल भरकर बाबा बैद्यनाथ धाम (देवघर) जाने वाले श्रद्धालुओं का कारवां अनवरत जारी रहा. कृष्णगढ़ नियंत्रण कक्ष के आंकड़ों के अनुसार गुरुवार दोपहर एक बजे तक ही 1,50,288 से अधिक कांवरिए गंगाजल लेकर देवघर के लिए प्रस्थान कर चुके थे. पूरे शहर और कांवरिया पथ पर भगवा रंग और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष का माहौल बना हुआ है.

भीषण गर्मी पर भारी पड़ा शिवभक्तों का उत्साह
गुरुवार को सूर्य की तेज तपिश और उमस के बीच कांवरिया पथ पर आस्था का अनोखा दृश्य देखने को मिला. नंगे पैर कांवर कंधे पर उठाए श्रद्धालु भजनों और जयकारों के साथ 105 किलोमीटर की कठिन पैदल यात्रा पर आगे बढ़ते नजर आए. कांवरियों को राहत पहुंचाने के लिए नगर परिषद द्वारा पक्की सड़कों पर लगातार पानी का छिड़काव किया जा रहा है. रास्ते में लगे विभिन्न सेवा शिविरों में श्रद्धालुओं को भोजन, चिकित्सा व विश्राम की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं.
हरियाली तीज पर बाबा बैद्यनाथ पर जलाभिषेक की तैयारी
यात्रा पर निकले अधिकांश शिवभक्तों ने बताया कि उनका लक्ष्य शनिवार को पड़ने वाली हरियाली तीज के पावन अवसर पर बाबा बैद्यनाथ मंदिर पहुंचकर जलाभिषेक करना है. वहीं कई कांवरियों ने रविवार को गंगाजल अर्पित करने का संकल्प लिया है. निर्धारित समय पर बाबा के दर्शन और जलाभिषेक की कामना लिए कांवरिया लगातार बिना थके आगे बढ़ते जा रहे हैं.

घाटों से लेकर कांवरिया पथ तक भगवा सैलाब
सुल्तानगंज के उत्तरवाहिनी गंगा घाटों से लेकर देवघर जाने वाले मुख्य मार्ग तक हर तरफ केवल केसरिया/भगवा रंग ही दिखाई दे रहा है. कंधे पर सजी-धजी कांवर, जुबान पर ‘बोल बम’ और आंखों में बाबा के दर्शन की अभिलाषा लिए बुजुर्ग, युवा व महिलाएं लगातार इस कठिन यात्रा को पूरा करने में जुटे हुए हैं.




