रेलवे पुल बंद होने से किसानों को 20 किमी का अतिरिक्त चक्कर लगाने को मजबूर. धान कटनी से पहले बढ़ी परेशानी, वैकल्पिक रास्ते की मांग.
बरहरवा. हावड़ा रेल मंडल के बरहरवा-पाकुड़ रेलखंड स्थित कोटालपोखर रेलवे स्टेशन के समीप विजयपुर गांव में रेलवे पुल संख्या 256 पर लोहे के स्लीपर लगाकर रास्ता बंद किये जाने के विरोध में सोमवार को दर्जनों किसानों ने प्रदर्शन किया. किसानों ने रेलवे प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आवागमन बहाल करने या वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध कराने की मांग की.
प्रदर्शन में मयूरकोला, दुखियाटोला, डाटापाड़ा, पथरिया, बड़ा सोनकर, विजयपुर और मुसहरी टोला के किसान शामिल हुए. किसानों के अनुसार, पुल बंद होने से बैलगाड़ी, ट्रैक्टर और छोटे वाहनों का आवागमन बाधित हो गया है. पहले इसी रास्ते से खेतों से धान बैलगाड़ी और छोटे वाहनों के जरिये खलिहान तक पहुंचाया जाता था. अब किसानों को करीब 20 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है. इससे समय, श्रम और परिवहन खर्च बढ़ रहा है.
धान कटनी के समय बढ़ेगी परेशानी
किसान बलदेव साहा ने कहा कि धान कटनी के समय रास्ता बंद होने से काफी परेशानी होगी. वहीं, मो. रिजवान ने कहा कि खेती की लागत पहले ही बढ़ चुकी है. ऐसे में अतिरिक्त दूरी तय करना किसानों पर आर्थिक बोझ है.
वैकल्पिक रास्ता देने की मांग
किसानों ने रेलवे प्रशासन से सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था करने या तत्काल वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध कराने की मांग की. मो. रिजवान ने चेतावनी दी कि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो किसान आंदोलन तेज करने को मजबूर होंगे.



