केंद्रीय मंत्री जुएल उरांव ने विपक्ष पर ‘मॉक पार्लियामेंट’ चलाने का आरोप लगाया. कहा, कांग्रेस अपनी हार छिपाने के लिए संवैधानिक संस्थाओं का अपमान कर रही है.
रांची : केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल उरांव ने कहा कि चुनाव जीतकर संसद में आने और अपनी बात रखने के बजाय विपक्ष बाहर मॉक पार्लियामेंट चला रहा है. राहुल गांधी की गतिविधियों से 1975 के आपातकाल की याद आती है. कांग्रेस अपनी हार छिपाने के लिए कभी इवीएम, कभी सुप्रीम कोर्ट तो कभी चुनाव आयोग को अपमानित करती है. सोमवार को रांची में भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ पदयात्रा से पहले आयोजित सभा में उन्होंने ये बातें कहीं.
बैलेट पेपर से हुए चुनाव में भी कांग्रेस का सफाया
श्री उरांव ने कहा कि 1952 से देश में लोकतांत्रिक प्रक्रिया लगातार मजबूत हुई है, लेकिन कांग्रेस जनादेश को स्वीकार करने के बजाय संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठा रही है. बैलेट पेपर से हुए एमएलसी चुनाव में भी कांग्रेस का सफाया हो गया, इसके बावजूद पार्टी अपनी हार का ठीकरा चुनाव प्रणाली पर फोड़ रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष देश में बांग्लादेश, श्रीलंका और नेपाल जैसी अराजकता फैलाने का सपना देख रहा है. हालांकि भारत का लोकतंत्र और यहां के मतदाता बेहद मजबूत हैं. ऐसे प्रयास कभी सफल नहीं होंगे.
मंईयां सम्मान योजना को बताया विफल
केंद्रीय मंत्री ने झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि मंईयां सम्मान योजना फेल हो चुकी है. योजना के पैसे को लेकर झामुमो और कांग्रेस के बीच रोज आपसी लड़ाई हो रही है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को जनता के मुद्दों और विकास पर ध्यान देना चाहिए, लेकिन विपक्षी दल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में उलझे हुए हैं.
भाजपा ने निकाली पदयात्रा
इससे पहले भाजपा की ओर से ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका से पदयात्रा निकाली गयी. पदयात्रा कचहरी होते हुए जेल मोड़ स्थित भगवान बिरसा मुंडा संग्रहालय पहुंची. इसमें प्रदेश प्रभारी गजेंद्र सिंह पटेल, प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, जदयू विधायक सरयू राय, विधायक सीपी सिंह समेत बड़ी संख्या में भाजपा नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए. कार्यकर्ताओं ने एसआईआर के समर्थन और विपक्ष के विरोध में नारे लिखी तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया.
10 बार कांग्रेस के शासन में हुआ एसआईआर, अब कर रही विरोध
भाजपा के प्रदेश प्रभारी गजेंद्र सिंह पटेल ने कहा कि 1952 से 2025 तक देश में 12 बार एसआइआर की प्रक्रिया हुई है. इनमें 10 बार कांग्रेस के शासनकाल में यह प्रक्रिया पूरी की गयी, लेकिन तब कांग्रेस ने विरोध नहीं किया. अब करीब 20 साल बाद जब यह प्रक्रिया हो रही है, तो कांग्रेस दिल्ली में प्रदर्शन कर रही है. एसआइआर के माध्यम से 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके युवाओं का नाम जोड़ा जाता है, मृत लोगों के नाम हटाये जाते हैं और दो जगह दर्ज नामों में सुधार किया जाता है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा आदिवासियों के मकान और पहचान की रक्षा कर रही है, जबकि झामुमो और कांग्रेस बांग्लादेशी घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची में बनाये रखना चाहते हैं. इसी कारण झारखंड के कई गांवों में आदिवासी अल्पसंख्यक हो गये हैं.
झारखंड में थाने और चर्च में भी सुरक्षित नहीं हैं बेटियां : आदित्य साहू
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि कांग्रेस ने 65 वर्षों के शासन में केवल नेहरू परिवार की चिंता की. आज गरीब मां के बेटे नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री की कुर्सी पर देखकर कांग्रेस को परेशानी हो रही है. जहां कांग्रेस चुनाव जीतती है, वहां ईवीएम ठीक होती है और जहां भाजपा जीतती है, वहां वोट चोरी का आरोप लगाया जाता है. राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दिल्ली में मॉक पार्लियामेंट में शामिल हो रहे हैं, जबकि झारखंड में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं. एक थाने में फरियाद लेकर पहुंची महिला के साथ पुलिसकर्मी ने दुष्कर्म किया, वहीं गोड्डा के सुंदरपहाड़ी में चर्च के फादर पर गरीब आदिवासी बेटी से दुष्कर्म का आरोप है.
घुसपैठियों का नाम कटने के डर से SIR का विरोध कर रहा विपक्ष : बाबूलाल
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि 2014 से ही कांग्रेस देश में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रही है. देश के लोकतंत्र को सबसे बड़ा खतरा कांग्रेस, राहुल गांधी, वंशवाद, दिमागी नक्सलियों और बांग्लादेशी व रोहिंग्या घुसपैठियों से है. संवैधानिक संस्थाओं और चुनाव का विरोध करने वाले ही लोकतंत्र के असली हत्यारे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल एसआइआर का विरोध इसलिए कर रहे हैं, ताकि झारखंड की मतदाता सूची में दर्ज बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों के नाम नहीं कटें.
राष्ट्र सेवा ही भाजपा कार्यकर्ताओं का मुख्य चरित्र : अर्जुन मुंडा
पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि देश में अराजकता फैलाने की कोशिश करने वालों को जनता मुंहतोड़ जवाब दे रही है. भाजपा के एक-एक कार्यकर्ता का मुख्य चरित्र राष्ट्र की सेवा करना है. उन्होंने ‘तलवारों पे सर वार दिये, अंगारों में जिस्म जलाया है’ गीत गाकर कार्यकर्ताओं से पदयात्रा में पूरे उत्साह के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया.
संसदीय मर्यादा की लक्ष्मण रेखा लांघ रहा विपक्ष : सरयू राय
जदयू के वरिष्ठ नेता और जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक सरयू राय ने कहा कि लोकतंत्र में संसदीय प्रणाली के तहत चुनकर जाने वाले लोग आज नेता के घर में मॉक पार्लियामेंट यानी मजाक संसद चला रहे हैं. ऐसा लगता है कि उन्हें अगले चुनाव में असली संसद में पहुंचने का भरोसा नहीं है. विरोध की भी एक सीमा और लक्ष्मण रेखा होती है. विपक्ष उसका उल्लंघन कर रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष नेपाल और बांग्लादेश जैसी अराजक मानसिकता को बढ़ावा दे रहा है. ऐसे लोग न एसआइआर चाहते हैं, न समान नागरिक संहिता और न ही घुसपैठियों को देश से बाहर करना चाहते हैं.
‘अटल कैंटीन’ में खाना खा रहे थे कांग्रेसी : सीपी सिंह
रांची के विधायक सीपी सिंह ने कहा कि जॉर्ज सोरोस के पैसों पर पलने वाले और टुकड़े-टुकड़े गैंग के लोग 2047 तक विकसित भारत बनने के लक्ष्य को रोकना चाहते हैं. उन्होंने एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में हुई कांग्रेस की रैली पर तंज कसते हुए कहा कि 10 लाख लोगों की भीड़ जुटाने का दावा करने वाली कांग्रेस 15 हजार कुर्सियां भी नहीं भर सकी. उन्होंने कहा कि रांची से बंधु तिर्की और शिल्पी नेहा तिर्की 13 बसों में लोगों को दिल्ली ले गये थे. इनमें कुछ लोग नाचने और कुछ मुफ्त में दिल्ली घूमने की बात कह रहे थे. सबसे रोचक बात यह रही कि कांग्रेस की रैली में शामिल लोग भूख लगने पर भाजपा सरकार की ओर से खोली गयी ‘अटल कैंटीन’ में पांच रुपये में भरपेट भोजन कर रहे थे.



