भाजपा ने जिले के सभी 17 सांगठनिक मंडलों में मुख्यमंत्री का पुतला दहन कर किया प्रदर्शन, महिला आयोग के गठन और दोषियों को कठोर सजा देने की मांग
साहिबगंज। सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया थाना परिसर में न्याय की गुहार लेकर पहुंची एक महिला के साथ दुष्कर्म की कथित घटना ने पूरे झारखंड को झकझोर कर रख दिया है। जिस पुलिस थाने को महिलाओं की सुरक्षा और न्याय का भरोसेमंद केंद्र होना चाहिए, उसी परिसर में इस तरह की जघन्य घटना सामने आना बेहद शर्मनाक और चिंताजनक है। यह घटना न केवल पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली, बल्कि राज्य में महिलाओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। इस मामले में झारखंड सरकार से तत्काल सख्त कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की अपेक्षा की जा रही है।
घटना के विरोध में भारतीय जनता पार्टी, साहिबगंज जिला इकाई ने जिला अध्यक्ष गौतम कुमार यादव के नेतृत्व में जिले के सभी 17 सांगठनिक मंडलों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन कर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पीड़िता को न्याय दिलाने, दोषियों को कठोर सजा देने और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की।
महिला सुरक्षा पर सरकार की जवाबदेही तय हो : गौतम यादव :
भाजपा जिला अध्यक्ष गौतम कुमार यादव ने कहा कि राज्य में महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर स्थिति बनी हुई है। जिस महिला को थाने में न्याय और संरक्षण मिलना चाहिए, यदि उसी परिसर में उसके साथ ऐसी जघन्य घटना होती है तो यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि हेमंत सोरेन सरकार के कार्यकाल में कानून-व्यवस्था कमजोर हुई है और महिलाओं की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकताओं में पीछे छूट गई है। उन्होंने झारखंड राज्य महिला आयोग का गठन अब तक नहीं होने पर भी सवाल उठाए। कहा कि महिला आयोग महिलाओं की शिकायतों की सुनवाई, अधिकारों की रक्षा और न्याय दिलाने का महत्वपूर्ण संस्थागत मंच है। वर्षों से इसका गठन नहीं होना सरकार की गंभीर उदासीनता को दर्शाता है। भाजपा इस अन्याय के खिलाफ चुप नहीं बैठेगी और पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी।
फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई और महिला आयोग के गठन की मांग :
प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रामानंद साह ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, पीड़िता को पर्याप्त सुरक्षा एवं सहायता उपलब्ध कराई जाए तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने और संबंधित पुलिस प्रशासन की जवाबदेही तय करने की भी मांग की। साथ ही झारखंड राज्य महिला आयोग का अविलंब गठन कर अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति करने पर जोर दिया।
भाजपा नेताओं ने कहा कि महिलाओं की अस्मिता, सम्मान और सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार को इस मामले में केवल बयान देने के बजाय त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि पीड़िता को न्याय मिले और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
आखिर कैसी कल्पना का झारखंड बना रही सरकार- गरिमा :
भाजपा नेत्री गरिमा कुमारी ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी एवं विधायक कल्पना सोरेन से सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि कल्पना सोरेन स्वयं एक महिला हैं और जनप्रतिनिधि होने के साथ सरकार का हिस्सा भी हैं। ऐसे में उन्हें बताना चाहिए कि वे झारखंड की कैसी कल्पना कर रही हैं, जहां एक महिला न्याय की गुहार लेकर थाने पहुंचती है और उसी थाने के परिसर में कथित तौर पर पुलिस के वायरलेस ऑपरेटर द्वारा उसके साथ दुष्कर्म जैसी जघन्य घटना को अंजाम दिए जाने का मामला सामने आता है। गरिमा कुमारी ने कहा कि थाना महिलाओं के लिए न्याय और सुरक्षा का स्थान होना चाहिए, लेकिन यदि वहीं ऐसी घटना सामने आती है तो यह पूरे पुलिस तंत्र और महिला सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
जिले के सभी 17 सांगठनिक मंडलों में हुए प्रदर्शन के दौरान मंडल अध्यक्षों एवं कार्यकर्ताओं ने महिला सुरक्षा, महिला आयोग के गठन और राज्य में कानून का राज स्थापित करने की मांग उठाई। साहिबगंज मुख्यालय में नगर अध्यक्ष बिनोद चौधरी एवं अनुराग राहुल के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया। इसमें प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रामानंद साह, जिला उपाध्यक्ष गरिमा साह, जिला मंत्री चांदनी देवी, युवा नेता प्रेमलाल मंडल, राजीव चौधरी, अनंत सिन्हा, विक्रम दास, संतोष चौधरी, अमरनाथ चौधरी, पंकज चौधरी, अवधेश यादव, अर्धेन्दू बोस, मनोज चौधरी, रंजीत सिंह, मुकेश राज, विकास सिंह, अमरनाथ मिश्रा, अरविंद सिन्हा, दिनेश पांडेय, शुभम चौरसिया, श्वेता श्रीवास्तव, संगीता सिन्हा, अन्नू कुमारी, स्मिता गुप्ता सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।



