पौआल के पांच टोलों में बदहाल कच्ची सड़क से आवागमन ठप, चुनाव में वोट बहिष्कार के बाद भी नहीं बदली तस्वीर
ग्रामीणों के आंदोलन की चेतावनी पर पौआल गांव पहुंचे पदाधिकारी, जल्द सड़क निर्माण का दिया भरोसा :
बोरियो। विकास के दावों के बीच बोरियो प्रखंड के पौआल गांव की जर्जर सड़क व्यवस्था सरकारी दावों की हकीकत बयां कर रही है। गांव के सात टोलों में से पांच टोलों के ग्रामीण दशकों से बदहाल कच्ची सड़क पर आवागमन करने को मजबूर हैं। बरसात में स्थिति और भी भयावह हो जाती है। सड़क कीचड़ में तब्दील हो जाने से पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है। लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग पूरी नहीं होने से अब ग्रामीणों का सब्र जवाब देने लगा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि आगामी बुधवार तक सड़क निर्माण का शिलान्यास नहीं हुआ तो वे बीच सड़क पर धान रोपकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
बारिश में सड़क नहीं, कीचड़ का रास्ता:

पौआल गांव के मांझी टोला से डिगरा टोला और पंचायत भवन टोला तक सड़क की हालत बेहद खराब है। ग्रामीणों के मुताबिक बरसात में इस रास्ते से गुजरना जोखिम भरा हो जाता है। सबसे ज्यादा परेशानी बीमार और गर्भवती महिलाओं को होती है। उन्हें खटिया के सहारे कीचड़ भरे रास्ते से स्वास्थ्य केंद्र तक ले जाना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग के बावजूद अब तक स्थायी समाधान नहीं हुआ।
चुनाव में वोट बहिष्कार की दी थी चेतावनी:

पौआल पंचायत की मुखिया टेरेस्ना मरांडी ने बताया कि विधानसभा चुनाव के दौरान ग्रामीणों ने सड़क नहीं बनने पर वोट बहिष्कार का निर्णय लिया था। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने मतदान किया, लेकिन चुनाव बीतने के बाद भी सड़क की समस्या जस की तस बनी हुई है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
पदाधिकारियों ने भी माना; ग्रामीण सड़कों का हाल है बदहाल:
ग्रामीणों के विरोध की सूचना पर सदर अनुमंडल पदाधिकारी अमर जॉन आईंद, प्रखंड विकास पदाधिकारी नागेश्वर साव और कार्यपालक अभियंता देवीलाल हांसदा मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान ग्रामीणों का विरोध भी झेलना पड़ा।
एसडीओ अमर जॉन आईंद ने बताया कि सड़क की स्थिति काफी खराब है और इसका टेंडर हो चुका है। पीएम जनमन योजना के तहत मांझी टोला से डिगरा टोला तक करीब डेढ़ किलोमीटर सड़क निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि आरोग्य आयुष्मान मंदिर की सड़क और अन्य एप्रोच सड़क का कार्य भी इसके बाद कराया जाएगा। अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन के आश्वासन पर है। उनका साफ कहना है कि अब भरोसा सिर्फ आश्वासन पर नहीं, सड़क निर्माण शुरू होने पर ही होगा।



