बाढ़ के पानी में डूबने से 56 वर्षीय व्यक्ति की मौत, शहर से लेकर दियारा तक भय और संकट का माहौल
साहिबगंज। गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर ने साहिबगंज में बाढ़ के खतरे को और भयावह बना दिया है। बीते 24 घंटे के भीतर बाढ़ के पानी में डूबने से दूसरी मौत की घटना सामने आई है। बीते दिन जहां एक बच्ची की डूबने से मौत हुई थी, वहीं सोमवार को सदर प्रखंड के बड़ी कोदर जन्ना पटवर टोला में 56 वर्षीय जीछु राम (पिता- धन्नी राम) की बाढ़ के पानी में डूबने से मौत हो गई। लगातार हो रही घटनाओं ने जिले में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।
परिजनों ने बताया कि गंगा का जलस्तर अचानक तेज़ी से बढ़ने के कारण घर चारों ओर से पानी से घिर गया था। परिवार ने देर शाम तक घर का सामान सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। इसके बाद जीछु राम रात में उसी घर में सोने चले गए, लेकिन सुबह काफी देर तक बाहर नहीं निकले। खोजबीन करने पर उनका शव घर के पास बाढ़ के पानी में मिला। सूचना मिलते ही मुफस्सिल थाना प्रभारी अनीश कुमार पांडेय, एएसआई उमाकांत ओझा और केशव मालाकार मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की।
दियारा से शहर तक बाढ़ की मार:

बाढ़ का असर अब केवल दियारा क्षेत्र तक सीमित नहीं रहा, बल्कि साहिबगंज शहर भी इसकी चपेट में आने लगा है। सदर प्रखंड के रामपुर, हरप्रसाद, मकबरा और शोभनपुर पंचायत सहित कई इलाकों में बाढ़ की गंभीर स्थिति बनी हुई है। वहीं शहर के हबीबपुर, पाइप रोड, अलीनगर, दहला और भारतीया कॉलोनी समेत कई मोहल्लों में बाढ़ का पानी घुसने से आवागमन बाधित हो गया है।
नालों का गंदा पानी घरों में, बीमारी का खतरा बढ़ा:

बाढ़ का पानी बड़े नालों में प्रवेश करने के बाद नालों की गंदगी लोगों के घरों तक पहुंच गई है। इससे पूरे इलाके में तेज़ दुर्गंध फैल रही है और जलजनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। लगातार बढ़ते जलस्तर और हो रही मौतों से लोगों में भय का माहौल है। अब स्थानीय लोग प्रशासन से राहत, स्वच्छता और सुरक्षा के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।



