राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नई दिल्ली में आयोजित संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार समारोह में झारखंड के तीन कलाकारों को सम्मानित किया. सरायकेला के छऊ मुखौटा शिल्पकार सुशांत कुमार महापात्र और नचनी नृत्य की नृत्यांगना बहनें बुटन देवी और सोमवारी देवी को यह प्रतिष्ठित सम्मान मिला.
angeet Natak Akademi Awards 2024-25: नई दिल्ली के विज्ञान भवन में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार समारोह का आयोजन हुआ. समारोह में झारखंड के तीन कलाकारों को सम्मानित किया गया. सरायकेला के छऊ मुखौटा शिल्पकार गुरु सुशांत कुमार महापात्र को छऊ और पारंपरिक मुखौटा शिल्प के लिए सम्मान मिला. वहीं बुंडू, रांची की सगी बहनें बुटन देवी और सोमवारी देवी को पारंपरिक नचनी नृत्य परंपरा को जीवित रखने के लिए सम्मानित किया गया. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सभी कलाकारों को अपने हाथों सम्मानित किया.
छऊ को आगे बढ़ाना जीवन का लक्ष्य – सुशांत कुमार महापात्र

वर्ष 2024 और 2025 के लिए आयोजित विशेष अलंकरण समारोह में देशभर के 115 कलाकारों को संगीत नाटक अकादमी फेलोशिप एवं पुरस्कार प्रदान किये गये. पुरस्कार प्राप्त करने के बाद गुरु सुशांत कुमार महापात्र ने इसे अपने गुरुओं को समर्पित किया. उन्होंने कहा कि सरायकेला की छऊ मुखौटा कला को आगे बढ़ाना उनके जीवन का उद्देश्य है और वह आगे भी छऊ मुखौटा शिल्प एवं छऊ नृत्य के संरक्षण और संवर्धन के लिए काम करते रहेंगे.
कई अतिथि मौजूद थे
समारोह में कई केंद्रीय मंत्री व संगीत नाटक अकादमी की अध्यक्ष डॉ संध्या पुरेचा एवं सचिव राजू दास समेत कई गणमान्य अतिथि मौजूद थे




