जमशेदपुर: कुछ साल पहले सोशल मीडिया पर एक आवाज अचानक हर जगह सुनाई देने लगी थी—“कृष का गाना सुनेगा… दिल ना दिया, दिल ना दिया ले बेटा…”। इस अनोखे अंदाज में बोलने वाले जमशेदपुर के पिंटू प्रसाद को लोगों ने ‘धूम’ नाम दे दिया था। उनकी वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुईं और देखते ही देखते वह इंटरनेट की दुनिया में पहचान बना गए।
कभी सड़क किनारे कबाड़ बीनकर अपना जीवन चलाने वाले पिंटू को वायरल होने के बाद लोगों का प्यार, पहचान और पैसे मिलने लगे। उनके साथ रील बनाने के लिए लोग पैसे तक देने लगे और विज्ञापन व गानों के ऑफर भी मिलने लगे। हालांकि, इस अचानक मिली लोकप्रियता का उनकी निजी जिंदगी पर सकारात्मक असर नहीं पड़ सका।
कबाड़ बीनने से वायरल स्टार बनने तक का सफर

पिंटू प्रसाद का जीवन सोशल मीडिया की चमक-दमक से काफी अलग था। वह पहले रैग पिकिंग यानी सड़कों और आसपास के इलाकों से कबाड़ इकट्ठा कर अपना खर्च चलाते थे। इससे उन्हें रोज करीब 250 से 300 रुपये की कमाई हो जाती थी।
लेकिन नशे की आदत उनकी जिंदगी की बड़ी परेशानी बन चुकी थी। कमाई का बड़ा हिस्सा शराब में खर्च हो जाता था। इसी बीच उनका एक वीडियो सामने आया, जिसमें वह अपने खास अंदाज में “कृष का गाना सुनेगा” कहते दिखाई दिए।
वीडियो लोगों को इतना पसंद आया कि देखते ही देखते वह वायरल हो गया। इसके बाद पिंटू को सोशल मीडिया पर ‘धूम बॉय’ के नाम से पहचान मिलने लगी।
वायरल होने के बाद मिलने लगे पैसे और ऑफर

पिंटू की लोकप्रियता बढ़ी तो उनके साथ वीडियो बनाने के लिए लोग उन्हें पैसे देने लगे। कई बार उन्हें 500 से 1,000 रुपये तक मिल जाते थे। इतना ही नहीं, उन्हें विज्ञापन और गानों से जुड़े काम के प्रस्ताव भी मिलने लगे।
लेकिन पिंटू के लिए यह अचानक मिली शोहरत संभालना आसान नहीं था। पहले से चली आ रही नशे की समस्या के कारण जो पैसे उन्हें मिलते, उनका इस्तेमाल भी अक्सर नशे के लिए ही हो जाता था। इस वजह से वायरल स्टार बनने के बावजूद उनकी जिंदगी में स्थिरता नहीं आ सकी।
धीरे-धीरे सोशल मीडिया से कम हुई मौजूदगी

एक समय ऐसा था जब पिंटू की आवाज सोशल मीडिया की कई रील्स में सुनाई देती थी। लोग उनके साथ वीडियो बनाते थे और उनके डायलॉग को अपने वीडियो में इस्तेमाल करते थे।
समय के साथ उनकी सोशल मीडिया पर मौजूदगी कम होती चली गई। हालांकि पिंटू पूरी तरह लोगों की नजरों से दूर नहीं हुए। कभी किसी वीडियो में तो कभी किसी कार्यक्रम में वह दिखाई दे जाते थे।
हाल ही में रांची में JPSC को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान भी पिंटू बच्चों के समर्थन में नजर आए। इसके बाद लोगों के बीच फिर चर्चा शुरू हुई कि आखिर ‘धूम’ अब कहां हैं और उनकी जिंदगी किस दिशा में जा रही है।
अस्तित्व फाउंडेशन में मिला नया सहारा
अब पिंटू प्रसाद जमशेदपुर के अस्तित्व फाउंडेशन में रह रहे हैं। यह संस्था नशे की समस्या से जूझ रहे लोगों को सामान्य जीवन की ओर लौटने में मदद करती है।
फाउंडेशन से जुड़े सौरव तिवारी के अनुसार, जब पिंटू वहां पहुंचे थे, तब उनकी सेहत काफी खराब थी। उन्हें पीलिया, लिवर में सूजन और कम हीमोग्लोबिन जैसी परेशानियां थीं। हालांकि, अब उनकी स्वास्थ्य स्थिति में काफी सुधार हुआ है और ये समस्याएं फिलहाल सामान्य बताई जा रही हैं।
अब पिंटू की जिंदगी में आ रहा बड़ा बदलाव
फाउंडेशन में पिंटू के जीवन में सिर्फ नशे को लेकर ही बदलाव नहीं आया है, बल्कि उनकी रोजमर्रा की आदतों में भी सुधार हुआ है।
शुरुआत में उन्हें व्यक्तिगत स्वच्छता और सामान्य हाइजीन को लेकर ज्यादा जानकारी नहीं थी। अब वह खुद साफ-सफाई का ध्यान रखते हैं, टॉयलेट का सही इस्तेमाल करते हैं और सामान्य दिनचर्या का पालन कर रहे हैं।
पहले पिंटू लोगों से मिलने-जुलने और बाहर जाने से भी काफी बचते थे। अब वह फाउंडेशन के अंदर सामान्य रूप से रहते हैं और जरूरत पड़ने पर बाहर भी जाते हैं।
अब मंजिल सोशल मीडिया की शोहरत नहीं
पिंटू की वर्तमान जिंदगी का सबसे बड़ा लक्ष्य फिर से वायरल होना या इंटरनेट पर अपनी पहचान बनाना नहीं है। फिलहाल उनका ध्यान नशे से पूरी तरह बाहर निकलने और एक सामान्य, स्थिर जिंदगी शुरू करने पर है।
फाउंडेशन की ओर से उनके रहने, खाने, कपड़े और दूसरी जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है। उन्हें नियमित रूप से चार वक्त का खाना और सुरक्षित रहने की जगह मिल रही है। वहां उनके साथ नशे की समस्या से उबर रहे दूसरे लोग भी रहते हैं, जिससे उन्हें अपने संघर्ष को समझने वाले लोगों का साथ मिलता है।
‘धूम’ की कहानी अब एक नई शुरुआत की कहानी
32 वर्षीय पिंटू प्रसाद कभी अपनी खास आवाज और “कृष का गाना सुनेगा” वाले अंदाज की वजह से इंटरनेट पर छा गए थे। लोग उन्हें एक वायरल चेहरे के रूप में जानते थे।
आज उनकी पहचान भले सोशल मीडिया पर पहले जैसी नहीं रही हो, लेकिन उनकी जिंदगी में एक अलग तरह की कहानी लिखी जा रही है। नशे की गिरफ्त से बाहर निकलकर सामान्य जीवन की ओर लौटने की उनकी कोशिश उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि बनती जा रही है।
जिस पिंटू को कभी लोग सिर्फ एक वायरल वीडियो के जरिए पहचानते थे, आज वह अपनी जिंदगी को दोबारा पटरी पर लाने की कोशिश कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर ‘धूम’ की आवाज भले अब कम सुनाई देती हो, लेकिन उनकी असली कहानी अभी खत्म नहीं हुई है—यह एक नई शुरुआत है।



