झारखंड में 2 से 7 अक्टूबर तक 72वां वन्यजीव सप्ताह मनाया जा रहा है, जिसकी मुख्य थीम मानव-वन्यजीव संघर्ष और उसका निवारण है. सह-अस्तित्व को बढ़ावा देने पर विशेष जोर.
Jharkhand Wildlife Week: झारखंड में 2 से 7 अक्तूबर 2026 तक 72वां वन्यजीव सप्ताह मनाया जाएगा. इस वर्ष वन्यजीव सप्ताह की मुख्य थीम मानव-वन्यजीव संघर्ष और उसका निवारण रखी गई है. वन विभाग का जोर मानव और वन्यजीवों के बीच सह-अस्तित्व को बढ़ावा देने तथा संघर्ष की घटनाओं को कम करने पर रहेगा. बुधवार को विवेकानंद सभागार, वन भवन, डोरंडा में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रधान मुख्य वन संरक्षक सह वन बल प्रमुख संजीव कुमार ने इसकी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि मानव और वन्यजीवों के बीच सह-अस्तित्व कायम करना समय की जरूरत है.
स्थानीय समुदायों की भागीदारी जरूरी
संजीव कुमार ने कहा कि वन एवं वन्यजीव संरक्षण केवल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं है. इसमें समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी जरूरी है. स्थानीय समुदायों को जागरूक कर और प्रभावित क्षेत्रों में समय पर आवश्यक सावधानियां बरत कर मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को कम किया जा सकता है. इसके लिए वन विभाग विभिन्न विभागों और स्थानीय समुदायों के साथ समन्वय को प्राथमिकता दे रहा है.
आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर जोर
प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यप्राणी रवि रंजन ने कहा कि आधुनिक तकनीक और उपलब्ध मानव बल के समुचित इस्तेमाल से मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम किया जा सकता है. वहीं मुख्य वन संरक्षक वन्यप्राणी एसआर नटेस ने वन्यजीव सप्ताह के दौरान आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा की जानकारी दी. मौके पर वन्यजीव प्रमंडल, रांची के प्रमंडल वन पदाधिकारी अवनीश चौधरी समेत विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद थे.
बच्चों और युवाओं को संरक्षण से जोड़ने की तैयारी
वन्यजीव सप्ताह के दौरान प्रभात फेरी, वॉकाथॉन, बर्ड वॉचिंग, स्वच्छता अभियान, फोटोग्राफी, चित्रकला व निबंध प्रतियोगिता, कार्यशाला और अंतर-विभागीय समन्वय बैठक आयोजित की जायेगी. इन कार्यक्रमों का उद्देश्य वन्यजीवों और उनके प्राकृतिक आवासों के संरक्षण के प्रति आम लोगों में जागरूकता बढ़ाना तथा बच्चों और युवाओं को संरक्षण गतिविधियों से जोड़ना है. झारखंड में बेतला टाइगर रिजर्व सहित कई संरक्षित क्षेत्र राज्य की समृद्ध जैव-विविधता और प्राकृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं. वन्यजीव सप्ताह के दौरान आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से इनके संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर जोर रहेगा.
ये होंगे प्रमुख कार्यक्रम
2 अक्तूबर : राज्यस्तरीय उद्घाटन समारोह होगा. पलाश हॉल, डोरंडा से प्रभात फेरी और वॉकाथॉन निकाला जायेगा.
3 अक्तूबर : संरक्षित क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान, शैक्षणिक भ्रमण और बर्ड वॉचिंग का आयोजन होगा.
4 अक्तूबर : राज्यस्तरीय कार्यक्रम के साथ रांची में 10 किमी वॉकाथॉन आयोजित किया जायेगा.
5 अक्तूबर : जिलावार पेंटिंग, ड्राइंग और निबंध प्रतियोगिता होगी.
6 अक्तूबर : वन्यजीव अपराध नियंत्रण के साथ पुलिस, रेलवे, विद्युत और पशुपालन विभाग के साथ अंतर-विभागीय समन्वय बैठक होगी. मानव-वन्यजीव संघर्ष और वन्यजीव गलियारों को लेकर कार्यशाला भी आयोजित की जायेगी.
7 अक्तूबर : वन्यजीव सप्ताह का समापन समारोह आयोजित होगा.



