कार्यालय लिपिक को हटाने सहित लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन की मांग
साहिबगंज संवाददाता। जिला शिक्षा अधीक्षक (डीएसई) कार्यालय में मंगलवार को अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले दर्जनों शिक्षकों ने अपनी सात सूत्री मांगों को लेकर कार्यालय का घेराव किया और धरने पर बैठ गए। इस दौरान शिक्षकों ने जिला शिक्षा अधीक्षक उर्मिला हांसदा को सात सूत्री मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।
शिक्षकों का आरोप है कि चिकित्सा अवकाश, भविष्य निधि अग्रिम सहित विभिन्न कार्यों से संबंधित आवेदनों के निष्पादन में अनावश्यक विलंब किया जाता है। शिकायत करने पर आपत्ति लगा दी जाती है। संघ ने कार्यालय लिपिक की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए उन्हें कार्य से हटाने की मांग की।
मृत शिक्षक के परिजनों को अब तक नहीं मिला पेंशन संबंधी लाभ :
शिक्षकों ने बताया कि दिवंगत सहायक शिक्षक योगेंद्र किस्कू का वर्ष 2025 में निधन हो चुका है, लेकिन कार्यालय स्तर पर वेतन निर्धारण और निलंबन अवधि की जांच पूरी नहीं होने के कारण उनके आश्रितों का पेंशन प्रपत्र तक नहीं भरा जा सका है। वहीं, जून 2026 में सेवानिवृत्त हुए सहायक शिक्षक सुभाष गौरांग की सेवा पुस्तिका अब तक बीईईओ कार्यालय में होने की बात कही गई।
संघ ने जिले के शिक्षकों को ग्रेड-1 का लाभ, नियुक्ति तिथि से ग्रेड-1 के अंतर वेतन का भुगतान तथा वेतन संबंधी कार्य स्थापना विद्यालय के शिक्षकों से ही कराने की मांग की। आरोप लगाया गया कि अन्य प्रखंडों के शिक्षकों से वेतन संबंधी कार्य कराए जाने के कारण उनका आर्थिक शोषण होता है।
शिक्षकों ने मांग की कि सभी लंबित मामलों का समयबद्ध निष्पादन किया जाए और कार्यालय की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। धरने में अध्यक्ष टूडू सागनेन यदुनाथ, संगठन मंत्री नवल किशोर सिंह, महासचिव मनोरंजन कुमार, उपाध्यक्ष सुशील बरनावास मुर्मू, संयुक्त सचिव संजय पासवान, अलमा मरांडी सहित अन्य शिक्षक मौजूद थे।



