राजमहल में श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ. धर्म, समाज एकता के साथ यातायात सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया.
तालझारी : राजमहल प्रखंड अंतर्गत मखानी गांव में नौ दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का उद्घाटन बीते संध्या मंच का सामूहिक दीप प्रज्वलन एवं फीता काटकर विधिवत किया गया. व्यास गादी पूजन के बाद कथा व्यास धनंजय वैष्णव जी को माल्यार्पण और अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया.
समाज को जोड़ती है भागवत कथा : राजेश मंडल
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला परिषद प्रतिनिधि सह समाजसेवी राजेश मंडल ने उद्घाटन के बाद कहा कि भागवत कथा जीवन को सही दिशा देती है और समाज को एकता के सूत्र में बांधती है. वन क्षेत्र पदाधिकारी पंचम दुबे ने कहा कि धर्म की रक्षा के साथ-साथ पर्यावरण की रक्षा करना भी हम सबका कर्तव्य है.
यातायात नियमों का पालन भी देशभक्ति
प्रजापति प्रकाश बाबा ने अपने संदेश में दो महत्वपूर्ण विषयों पर समाज को जागरूक किया. यातायात नियमों के पालन पर उन्होंने कहा कि जीवन अनमोल है. जैसे हम अपने शरीर रूपी रथ की रक्षा धर्म से करते हैं, वैसे ही सड़क पर वाहन रूपी रथ की रक्षा यातायात नियमों से करनी चाहिए. सभी श्रद्धालु हेलमेट पहनें, तेज गति से बचें और शराब पीकर वाहन न चलाएं. यातायात नियमों का पालन करना भी एक प्रकार की देशभक्ति और परिवार भक्ति है.
वन्यजीवों की रक्षा का लिया संकल्प
वन्यजीव संरक्षण पर प्रजापति प्रकाश बाबा ने कहा कि श्रीमद्भागवत में गौ, गज, मोर और हंस सहित सभी जीवों में ईश्वर का रूप बताया गया है. जंगल के जीव-जंतु वन के श्रृंगार हैं. उनका शिकार या तस्करी महापाप है. सभी को वन्यजीवों की रक्षा करने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का संकल्प लेना चाहिए. धर्म तभी बचेगा, जब वन और वन्यजीव बचेंगे.
इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए. मौके पर विनदेश्वरी यादव, राज किशोर उपाध्याय सहित मंच कमेटी के सभी कार्यकर्ता मौजूद रहें.



