हाता-चाईबासा NH-220 पर रोला-खैरबानी के पास एक तेज रफ्तार बाइक खड़े कोयला डस्ट लदे हाइवा से टकरा गई, जिससे 18 वर्षीय कृष्णा टुडू की मौके पर ही मौत हो गई।
राजनगर । हाता-चाईबासा मुख्य मार्ग (NH-220) पर रविवार दोपहर एक बार फिर तेज रफ्तार बाइक सवार की मौत हो गई। राजनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत रोला-खैरबानी के समीप सड़क किनारे खड़े कोयला डस्ट लदे हाइवा के पीछे तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर जा टकराई।
टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार 18 वर्षीय युवक की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान गमदेसाई निवासी वर्षा टुडू के 18 वर्षीय पुत्र कृष्णा टुडू के रूप में हुई है।
घटना की सूचना मिलते ही राजनगर थाना प्रभारी सोनू कुमार पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम और अग्रिम कागजी कार्रवाई के लिए राजनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) भेजा।
अस्पताल परिसर में पसरा मातम, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
हादसे की खबर मिलते ही मृतक के माता-पिता और रिश्तेदार बदहवास हालत में राजनगर सीएचसी पहुंचे। जैसे ही मां-बाप ने बेटे का शव देखा, वे दहाड़ मारकर रोने लगे।
परिजनों की चीख-पुकार और करुण क्रंदन से अस्पताल परिसर का माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया। परिजनों को संभालना वहां मौजूद लोगों के लिए मुश्किल हो रहा था।
अनियंत्रित बाइक और सड़क पर खड़ा हाइवा बनी हादसे की वजह
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कृष्णा टुडू अपनी यामाहा आर-15 बाइक (पंजीकरण संख्या: JH-05EF-9350) पर सवार होकर जा रहा था। रोला-खैरबानी के पास सड़क पर एक कोयला डस्ट लदा भारी हाइवा खड़ा था।
हाइवा सड़क पर बने बम्पर (स्पीड ब्रेकर) से लगभग 50 फीट आगे खड़ा था। बम्पर के बावजूद तेज रफ्तार में आ रही बाइक अनियंत्रित हो गई और सीधे खड़े हाइवा के पिछले हिस्से में जा घुसी।
सुरक्षा का अभाव: बिना हेलमेट था युवक

हादसे के समय कृष्णा टुडू ने सिर पर हेलमेट नहीं पहना था। खड़े हाइवा से हुई जोरदार टक्कर के कारण उसके सिर पर गंभीर चोट आई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी को उजागर किया है:
हेलमेट की अनदेखी: स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि युवक ने सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए गुणवत्तापूर्ण हेलमेट पहना होता, तो शायद उसकी जान बचाई जा सकती थी।
सड़क पर अवैध पार्किंग और संकेतक का अभाव: दुर्घटना के बाद सड़क किनारे अवैध या बिना इंडिकेटर/रिफ्लेक्टर के खड़े भारी वाहनों पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
मुख्य मार्गों पर खड़े भारी वाहनों के लिए निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन कराना और पर्याप्त चेतावनी संकेतक लगाना अनिवार्य है, ताकि इस तरह की अकाल मौतों पर अंकुश लगाया जा सके।
PDS दुकान में पंचिंग के बाद चाईबासा क्यों गया? परिजन भी हैरान
मृतक के परिजनों ने बताया कि कृष्णा टाटा (जमशेदपुर) में मजदूरी का काम करता था और रविवार को ही घर आया था। घर पर मकान की ढलाई का काम चल रहा था।
दोपहर में खाना खाने के बाद उसने परिजनों से कहा कि वह राजनगर स्थित जन वितरण प्रणाली (PDS) दुकान में राशन के उठाव के लिए पंचिंग कराने जा रहा है।
PDS दुकान में पंचिंग कराने के बाद वह घर लौटने के बजाय चाईबासा की ओर क्यों निकल गया, इस बात को लेकर उसके परिजन भी हैरान हैं। परिजनों को इस बात का कोई अंदाजा नहीं था कि वह चाईबासा मार्ग पर क्यों गया था।
दो दिन पहले मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की बेटी की हुई थी मौत
झारखंड में बेलगाम रफ्तार और सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अभी महज दो दिन पहले ही एक बेहद दुखद सड़क हादसे में राज्य की मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की बेटी की अकाल मृत्यु हो गई थी।
इस हाई-प्रोफाइल हादसे के बाद भी न तो वाहन चालक सुरक्षा को लेकर गंभीर दिख रहे हैं और न ही मुख्य मार्गों पर खड़े भारी वाहनों के खिलाफ कोई ठोस व्यवस्था बनती नजर आ रही है।



