एसएनसीयू की व्यवस्था बेहतर मिली, मरीजों की अधिक संख्या से अस्पताल पर बढ़ा दबाव
साहिबगंज। संवाददाता। कायाकल्प पुरस्कार के वित्तीय वर्ष 2025-26 के मूल्यांकन को लेकर सोमवार को राज्यस्तरीय दो सदस्यीय टीम ने साहिबगंज सदर अस्पताल और बोरियो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का गहन निरीक्षण किया। टीम में मनीष कुमार और हिना प्रवीण शामिल थीं। राज्य सरकार के निर्देश पर पहुंची टीम ने अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं, साफ-सफाई, आधारभूत संरचना और मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जमीनी स्थिति का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान टीम ने सदर अस्पताल के अल्ट्रासाउंड केंद्र, एसएनसीयू, महिला एवं पुरुष वार्ड, आपातकालीन वार्ड समेत विभिन्न विभागों का बारीकी से निरीक्षण किया। इसके अलावा अस्पताल परिसर की साफ-सफाई, शौचालय, दवा व्यवस्था और मरीजों के लिए उपलब्ध अन्य सुविधाओं की भी जांच की गई। टीम के सदस्यों ने भर्ती मरीजों से सीधे बातचीत कर इलाज, दवा और अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर उनका अनुभव जाना।

एसएनसीयू की व्यवस्था बेहतर, मरीजों की संख्या अधिक:
टीम के सदस्य मनीष कुमार ने बताया कि वे दुमका से हैं और राज्य सरकार के निर्देश पर साहिबगंज में मूल्यांकन के लिए भेजे गए हैं। उन्होंने कहा कि सदर अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (एसएनसीयू) की व्यवस्था काफी बेहतर पाई गई। नवजात बच्चों के इलाज और देखभाल के लिए उपलब्ध सुविधाएं संतोषजनक मिलीं।
उन्होंने कहा कि अस्पताल की निर्धारित क्षमता की तुलना में मरीजों की संख्या अधिक है। इससे कुछ व्यवस्थाओं पर दबाव जरूर है, लेकिन इसके बावजूद अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्यकर्मी बेहतर तरीके से कार्य कर रहे हैं।
साफ-सफाई पर नाराजगी, कमियों के समाधान पर होगी चर्चा :
निरीक्षण के दौरान अस्पताल की साफ-सफाई व्यवस्था को लेकर टीम ने नाराजगी जाहिर की। टीम ने कहा कि अस्पताल का कायाकल्प केवल भवन और संसाधनों तक सीमित नहीं है, बल्कि मरीजों के साथ शिष्टाचार और बेहतर व्यवहार भी उतना ही जरूरी है। निरीक्षण के दौरान अस्पताल प्रबंधक और जिला स्तर के संबंधित कर्मियों को ढूंढने में समय लगने पर भी टीम ने आपत्ति जताई।
मनीष कुमार ने कहा कि निरीक्षण के दौरान कुछ कमियां सामने आई हैं। इन कमियों को लेकर सिविल सर्जन से चर्चा कर आवश्यक सुधार कराने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि निरीक्षण का उद्देश्य केवल कमियां निकालना नहीं, बल्कि अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाना है।
इसके बाद टीम ने बोरियो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भी निरीक्षण किया। टीम ने वहां भी विभिन्न विभागों, साफ-सफाई, मरीजों की सुविधाओं और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के बाद टीम अपनी रिपोर्ट राज्यस्तरीय अधिकारियों को सौंपेगी, जिसके आधार पर कायाकल्प पुरस्कार के लिए आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।



