साहिबगंज: झारखंड के साहिबगंज जिले के बोरियो प्रखंड स्थित पुआल गांव में सड़क की बदहाल स्थिति से परेशान ग्रामीणों ने बुधवार को अनोखे तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया। गांव के पांच टोलों के सैकड़ों लोगों ने पक्की सड़क की मांग को लेकर करीब 1.7 किलोमीटर लंबी कीचड़ भरी सड़क पर धान की रोपाई कर दी। ग्राम प्रधान संग्राम सोरेन के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन के जरिए ग्रामीणों ने प्रशासन का ध्यान वर्षों से चली आ रही समस्या की ओर खींचा।
ग्रामीणों के मुताबिक पोआल मांझी टोला से उपर टोला तक जाने वाली सड़क लंबे समय से कच्ची और जर्जर हालत में है। बारिश के मौसम में सड़क पर इतना कीचड़ जमा हो जाता है कि लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। कई बार आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है।
15 दिनों में शुरू होगा सड़क निर्माण
ग्रामीणों द्वारा धान रोपने की चेतावनी और विरोध के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया। सोमवार को सदर एसडीओ अमर जॉन आईंद, ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता देवी लाल हांसदा और बीडीओ नागेश्वर साव गांव पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं।
बीडीओ ने बताया कि सड़क निर्माण की योजना को मंजूरी मिल चुकी है और अगले 15 दिनों के भीतर काम शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा। हालांकि, ग्रामीणों ने साफ कर दिया कि केवल आश्वासन से आंदोलन खत्म नहीं होगा। उनका कहना है कि जब तक सड़क निर्माण से संबंधित योजना बोर्ड मौके पर नहीं लगाया जाता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
दो वर्षों से कर रहे हैं पक्की सड़क की मांग
ग्रामीणों ने बताया कि पक्की सड़क के लिए वे पिछले दो साल से लगातार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगा रहे हैं। पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान भी ग्रामीणों ने सड़क नहीं बनने पर चुनाव बहिष्कार की चेतावनी दी थी। उस समय प्रशासन के भरोसे के बाद उन्होंने अपना फैसला वापस ले लिया था।
ग्रामीणों का आरोप है कि चुनाव खत्म होने और सरकार बनने के बाद भी सड़क की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। पुआल पंचायत पहाड़िया आदिवासी बहुल क्षेत्र है, जहां आज भी सड़क, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं लोगों के लिए बड़ी समस्या बनी हुई हैं।
बारिश में मरीजों और छात्रों को सबसे ज्यादा परेशानी
ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दिनों में सड़क की स्थिति बेहद खराब हो जाती है। गंभीर रूप से बीमार लोगों और गर्भवती महिलाओं को कई बार खाट के सहारे अस्पताल तक पहुंचाना पड़ता है। खराब सड़क के कारण बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होती है।
ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि इस बार भी सड़क निर्माण के नाम पर केवल आश्वासन दिया गया और जमीन पर काम शुरू नहीं हुआ, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान वार्ड सदस्य दिनेश सोरेन, रवि राकेश, सुनील हेंब्रम, सुभाष मुर्मू, विजय सोरेन, सुशीला हांसदा, एलिना मुर्मू, तालामय हांसदा, मरांगमय टुडू, तालाकुड़ी किस्कू, सुशील किस्कू, डेविड मरांडी, पातरास सोरेन, मनवेल मंगल मुर्मू समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।



