गंगा के बढ़ते जलस्तर पर रहेगी पैनी नजर, आपदा की स्थिति में तत्काल रेस्क्यू के लिए 30 सदस्यीय टीम तैनात
साहिबगंज। जिले में गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर और उत्पन्न बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने राहत एवं बचाव व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है। इसी क्रम में कमांडेंट हटेंद्र पाल सिंह कंडारी, एनडीआरएफ बीहटा, पटना के नेतृत्व में 30 सदस्यीय एनडीआरएफ टीम साहिबगंज पहुंची है। प्रशिक्षित एवं अनुभवी जवानों की यह टीम बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर लगातार नजर रखने के साथ किसी भी आपदा या आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव अभियान चलाने के लिए तैयार रहेगी।
जिले में करीब 70 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं और लगभग 50 हजार की आबादी पर बाढ़ का असर पड़ा है। गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से करीब 1.45 मीटर ऊपर बह रहा है। ऐसे में दियारा क्षेत्रों के साथ साहिबगंज शहर के भी कई इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। जिला प्रशासन पिछले चार दिनों से अलग-अलग बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री का लगातार वितरण कर रहा है। वहीं लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में जाने की अपील की जा रही है।
एक इंस्पेक्टर, चार एसआई समेत 30 जवान शामिल:

साहिबगंज पहुंची एनडीआरएफ की टीम में एक इंस्पेक्टर, चार सब-इंस्पेक्टर, दो महिला बल सदस्य और 23 पुरुष बल सदस्य शामिल हैं। कमांडेंट हटेंद्र पाल सिंह कंडारी के नेतृत्व में पहुंची टीम को बाढ़ एवं आपदा की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में त्वरित राहत और बचाव कार्य के लिए तैयार किया गया है। टीम के जवान जलभराव वाले क्षेत्रों में सुरक्षित आवागमन, लोगों को निकालने, संभावित रेस्क्यू प्वाइंट चिन्हित करने और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल बचाव अभियान संचालित करने में सक्षम हैं। जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर टीम जरूरत के अनुसार किसी भी प्रभावित क्षेत्र में पहुंचकर अभियान चला सकेगी।
किशन प्रसाद से लाल बथानी तक प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण:

साहिबगंज पहुंचने के बाद एनडीआरएफ टीम ने कमांडेंट के नेतृत्व में जिले के विभिन्न बाढ़ प्रभावित इलाकों का स्थल निरीक्षण किया। टीम ने किशन प्रसाद, लाल बथानी, रामपुर, रामनगर, बलुआ टोली, मखमलपुर दक्षिण और मुसहरी टोला सहित अन्य प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान टीम ने स्थानीय परिस्थितियों, जलस्तर, जलमग्न क्षेत्रों, आवागमन के साधनों और संभावित जोखिम वाले स्थानों की जानकारी ली। साथ ही ऐसे स्थानों को चिन्हित किया गया, जहां बाढ़ की स्थिति बिगड़ने पर लोगों को निकालने के लिए तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने की आवश्यकता पड़ सकती है।
बाढ़ का खतरा रहने तक निगरानी, जरूरत पर तत्काल ऑपरेशन:
एनडीआरएफ कमांडेंट के अनुसार गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए टीम साहिबगंज में रहकर बाढ़ की स्थिति पर नजर रखेगी। फिलहाल टीम कुछ दिनों तक यहां मौजूद रहकर हालात की निगरानी करेगी। बाढ़ की स्थिति में किसी भी तरह की आपदा, हादसा या अचानक जलस्तर बढ़ने से उत्पन्न संकट की स्थिति में टीम तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान शुरू करेगी।
टीम की नजर विशेष रूप से जलमग्न गांवों, दियारा क्षेत्रों, आवागमन के मार्गों, संभावित रेस्क्यू प्वाइंट और उन इलाकों पर रहेगी, जहां बाढ़ के कारण लोगों के फंसने या सुरक्षित निकासी की आवश्यकता उत्पन्न हो सकती है। आवश्यकता पड़ने पर स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय कर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का कार्य भी किया जाएगा।
इधर, किशन प्रसाद पंचायत के किसान प्रसाद गांव में बाढ़ के पानी में डूबी बच्ची की तलाश भी प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती है। स्थानीय स्तर पर लगातार खोजबीन के बाद अब एनडीआरएफ की विशेषज्ञ टीम भी क्षेत्र का जायजा लेकर आवश्यकतानुसार तलाश एवं रेस्क्यू अभियान में जुटेगी।
जिला प्रशासन और एनडीआरएफ की संयुक्त तत्परता से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव व्यवस्था को मजबूती मिली है। प्रशासन की ओर से आमजनों से अपील की गई है कि वे बाढ़ प्रभावित एवं जलमग्न क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से जाने से बचें, सुरक्षित स्थानों पर रहें और प्रशासन तथा एनडीआरएफ की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।



