साहिबगंज: जिले के मंडरो प्रखंड क्षेत्र के आदिम जनजाति पहाड़िया गांव में एक सप्ताह के भीतर पांच मासूम बच्चों का इलाज के अभाव में मौत होने का मामला प्रकाश में आया है।जिसके बाद पूरा गांव मातम में डूबा हुआ है। इतना ही नहीं अब भी गांव के दर्जनों बच्चे, बढ़े, जवान एक वायरल बीमारी की चपेट में है।

यह मामला साहिबगंज जिले के मंडरो प्रखंड क्षेत्र के बसहा पंचायत के नागर भिट्ठा आदिम जनजाति पहाड़िया गांव का है। यहां के ग्रामीण बीमारी से अनजान भगवान के भरोसे रहकर पांच बच्चों की जान गवा चुके है। जब रविवार को भी एक बच्चे की जान गई तो कुछ ग्रामीण पहाड़ से नीचे घटियारी गांव पहुंचे, और वहां स्वास्थ्य सुविधा कैसे मिले, इसकी पूछताछ करने लगे। ग्रामीणों ने बताया कि गांव तक जाने के लिए सड़क की कोई सुविधा नहीं है, मरीजों को खटिया पर टांग कर नीचे लाना पड़ता है, और अभी पूरा गांव ही बीमारी की चपेट में है, तो कैसे किसको कहां ले जाए।

वहीं कुछ लोगों की मदद से पूरे घटना क्रम की जानकारी जिले के उपायुक्त हेमंत सती को दी गई, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम हरकत में आई और मंडरो सीएचओ रवि कुमार जाटव, बीपीएम अमन भारती समेत अन्य स्वास्थ्य कर्मियों का एक टीम गठित कर नागर भिट्ठा गांव भेजा गया। लोगों ने बताया कि वायरल बीमारी में मरीज को सर दर्द, शरीर गर्म होना, आंख लाल होना, उलटी होना, पतला पीला पैखाना होना आदि लक्षण शामिल है। बता दें कि गांव की कुल 30 परिवार निवास करते है, आबादी लगभग 150 से 200 के बीच है।

वहीं सीएचओ रवि कुमार जटाव ने जानकारी दिया कि गांव के 37 बीमार बच्चों, युवकों के साथ कई महिला का स्वास्थ्य जांच किया गया। जिसमें 20 लोगों का ब्लड सेंपल लिया गया है, और सेंपल जांच के लिए दुमका भेजा गया है, कौन सा वायरल बीमारी है, जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मालूम हो पाएगा, बीमारी को देखते हुए फिलहाल दवा दे दिया गया है। और बाकी अन्य लोगों का भी सोमवार को सेंपल एकत्रित किया जाएगा। जांच के दौरान मलेरिया या डायरिया जैसा लक्षण देख रहा है।