उधवा में अवैध खनन और दिनभर ट्रैक्टर चलने से बढ़ा हादसों का खतरा, प्रशासन से कार्रवाई की मांग
उधवा। प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत नाशघाट से पियारपुर पीसीसी सड़क पर गंगा नदी तट से हो रहे अवैध मिट्टी उत्खनन और उसके परिवहन को लेकर मंगलवार को ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। स्थानीय दर्जनों ग्रामीणों ने अवैध मिट्टी लदे कई ट्रैक्टरों को घंटों रोककर रखा और जमकर विरोध प्रदर्शन किया। बाद में ग्रामीणों ने ट्रैक्टर चालकों को कड़ी चेतावनी देकर छोड़ा। ग्रामीणों ने बताया कि गंगा किनारे अवैध रूप से मिट्टी का उत्खनन कर ट्रैक्टरों के माध्यम से पियारपुर होते हुए पश्चिम बंगाल के विभिन्न ईंट भट्टों में भेजा जा रहा है। दिन-रात ट्रैक्टरों के परिचालन से सड़क पर दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। बीते दिनों कई सड़क हादसों में लोगों की जान जा चुकी है, जिससे आम राहगीरों और स्थानीय लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। अब्दुल रेजा, लतीफ शेख, आलम शेख, महबूब शेख सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में ट्रैक्टर मालिकों और चालकों को समझाकर यह सहमति बनी थी कि रात 9 बजे के बाद ही ट्रैक्टरों का परिचालन किया जाएगा। कुछ दिनों तक इसका पालन भी हुआ, लेकिन अब फिर से दिनभर ट्रैक्टर चलाए जा रहे हैं, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है। दिन के समय ट्रैक्टरों के चलने से स्कूली छात्र-छात्राओं, छोटे बच्चों और सड़क किनारे बसे परिवारों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासनिक उदासीनता के कारण अवैध मिट्टी खनन पर रोक नहीं लग पा रही है और माफियाओं के हौसले बुलंद हैं।ग्रामीणों ने यह भी कहा कि एक ओर सरकार बाढ़ से बचाव के लिए गंगा तटीय इलाकों में बोल्डर क्रेटिंग का कार्य करा रही है, वहीं दूसरी ओर अवैध मिट्टी कटाव से दियारा क्षेत्र और गंगा तट को लगातार कमजोर किया जा रहा है। विरोध कर रहे ग्रामीणों ने प्रशासन से अवैध मिट्टी उत्खनन और ट्रैक्टरों के परिचालन पर तत्काल रोक लगाने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।





