राजमहल में आदिवासी महाकुंभ का शुभारंभ, सफाहोड़ समाज समेत विभिन्न समुदायों की ऐतिहासिक सहभागिता
राजमहल। साहिबगंज जिले के ऐतिहासिक राजमहल क्षेत्र में राज्यस्तरीय आदिवासी पर्व के रूप में मनाए जाने वाले ‘राजकीय माघी पूर्णिमा मेला’ का भव्य शुभारंभ रविवार को उपायुक्त हेमंत सती ने किया। माघी पूर्णिमा के पावन अवसर पर उपायुक्त ने सर्वप्रथम उत्तरवाहिनी गंगा घाट पर विधिवत पूजा-अर्चना की। इसके उपरांत उपायुक्त हेमंत सती, पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सिंह एवं अभिराम मरांडी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर मेले का औपचारिक उद्घाटन किया।

उद्घाटन अवसर पर उपायुक्त हेमंत सती ने श्रद्धालुओं को बधाई देते हुए कहा कि राजमहल की उत्तरवाहिनी गंगा राज्य ही नहीं, बल्कि देशभर के आदिवासी समाज की आस्था का प्रमुख केंद्र है। उन्होंने कहा कि माघी मेला आदिवासी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता का प्रतीक है, जिसे सहेजना हम सभी की जिम्मेदारी है।

‘हरा-भरा राजमहल’ का संदेश, पर्यावरण संरक्षण का संकल्प
उद्घाटन समारोह के दौरान ‘हरा-भरा राजमहल’ अभियान के तहत पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश दिया गया। अनुमंडल पदाधिकारी सदानंद महतो ने उपायुक्त को, एसडीपीओ विमलेश कुमार त्रिपाठी ने पुलिस अधीक्षक को तथा डीसीएलआर विमल सोरेन ने अभिराम मरांडी को पौधा भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर उपायुक्त द्वारा अभिराम मरांडी को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।

सफाहोड़ आदिवासी समाज की पारंपरिक उपस्थिति रही विशेष आकर्षण
माघी पूर्णिमा मेला में सफाहोड़ आदिवासी समाज सहित विदिन एवं अन्य समुदायों के श्रद्धालु अपने-अपने धर्मगुरुओं के नेतृत्व में पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचे। गंगा स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने विधिवत गंगा पूजन कर अपने अखाड़ों में पूजा-अर्चना की। गीले वस्त्रों में सिर पर जल से भरा लोटा लेकर पूजा करते श्रद्धालु आदिवासी परंपरा की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत कर रहे थे।

शिविर, अखाड़ा और मांझी-जाहेर थान में विधिविधान से श्रद्धालुओं ने सूर्यदेव घाट, बालू प्लॉट, अनुमंडल कार्यालय परिसर, स्टेशन परिसर सहित विभिन्न स्थानों पर शिविर एवं कैम्प लगाकर मांझी थान व जाहेर थान की स्थापना की। धर्मगुरुओं के सान्निध्य में मरांग बुरु, भगवान शिव एवं अन्य इष्टदेवों की आराधना की गई। नामकरण, मुंडन, विवाह एवं रोग-व्याधि निवारण जैसे धार्मिक अनुष्ठान भी संपन्न कराए गए।
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था, पुलिस की चाक-चौबंद निगरानी
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सिंह ने बताया कि मेले को लेकर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। सुनसान इलाकों में मोटरसाइकिल पेट्रोलिंग के साथ करीब 20 पुलिस बल की टीम तैनात की गई है। पुलिस निरीक्षक राजीव रंजन, थाना प्रभारी हसनैन अंसारी एवं तीनपहाड़ थाना प्रभारी मृत्युंजय कुमार पांडेय सहित बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मेले की निगरानी में लगे रहे। राजमहल का माघी पूर्णिमा मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकजुटता का भव्य उत्सव है, जिसने एक बार फिर राजमहल को राज्य के प्रमुख आस्था केंद्र के रूप में स्थापित कर दिया।




