Indian Railways News: स्टेशनों पर यात्रियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए South Eastern Railway ने 24,033 जल टैंकों की सफाई पूरी की है। इसके साथ ही 63 क्लोरीनेशन प्लांट, 23 आयरन रिमूवल प्लांट और 52 फिल्टरों का भी अनुरक्षण किया गया, और पानी के नमूनों की गुणवत्ता जांच भी की गई।
रांची। दक्षिण पूर्व रेलवे ने अपने अधिकार क्षेत्र के स्टेशनों पर यात्रियों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए व्यापक स्तर पर जलापूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त किया है। जल स्रोतों से लेकर टैंकों, फिल्ट्रेशन प्लांट, क्लोरीनेशन व्यवस्था और जल वितरण केंद्रों तक की सफाई व जांच पूरी की गई है।
इस अभियान के तहत सभी 24,033 जल टैंकों की सफाई का काम पूरा कर लिया गया है। दक्षिण पूर्व रेलवे के सभी सेक्शनों में जल स्रोतों, जल शोधन एवं फिल्ट्रेशन संयंत्रों, भूमिगत व ओवरहेड जल टैंकों, पीवीसी टैंकों, वाटर बूथ, नलों और जल वितरण केंद्रों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। कुल 24,033 जल टैंकों में से 17,800 की सफाई पहले ही कर ली गई थी। इसके बाद शेष टैंकों की भी सफाई पूरी कर ली गई। इस तरह सभी जल टैंकों की सफाई का काम पूरा हो गया है।
63 क्लोरीनेशन प्लांट का अनुरक्षण
रेलवे के अधिकार क्षेत्र में कुल 63 क्लोरीनेशन प्लांट हैं। सभी प्लांटों का अनुरक्षण और निरीक्षण किया गया है। जलापूर्ति में उचित क्लोरीनेशन सुनिश्चित करने के लिए क्लोरीनेशन व्यवस्था और संबंधित उपकरणों की जांच की गई। जहां जरूरत थी, वहां क्लोरीन डोजिंग को नियंत्रित और समायोजित किया गया।23 आयरन रिमूवल प्लांट की जांच
जिन स्थानों पर कच्चे पानी में लौह तत्व की मात्रा अधिक है, वहां 23 आयरन रिमूवल प्लांट लगाए गए हैं। सभी 23 प्लांटों का अनुरक्षण किया गया और उनके संचालन की जांच की गई।
52 फिल्टरों की सफाई और मरम्मत
जल फिल्ट्रेशन व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया गया। कुल 52 प्रेशर और ग्रेविटी फिल्टरों का अनुरक्षण व सफाई की गई। फिल्टरों में जमा गंदगी और अशुद्धियों को हटाया गया। जहां जरूरत पड़ी, वहां खराब उपकरणों और फिल्टर के हिस्सों की मरम्मत या उन्हें बदला गया।
3,413 पानी के नमूनों की जांच
जल गुणवत्ता की निगरानी स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग के समन्वय से की जा रही है। अवशिष्ट क्लोरीन स्तर (आरसीएल) की जांच के लिए 3,413 जल नमूने, बैक्टीरियोलॉजिकल जांच के लिए 334 नमूने और रासायनिक जांच के लिए 21 नमूने लिए गए हैं। इसके अलावा जल की गुणवत्ता के विभिन्न मानकों की नियमित जांच की जा रही है।
रिसाव रोकने पर भी जोर
वाटर कूलर और जल शुद्धिकरण इकाइयों के अनुरक्षण के लिए दक्षिण पूर्व रेलवे में वार्षिक अनुरक्षण अनुबंध (एएमसी) लागू है। भंडारण जल टैंकों की निर्धारित सफाई और अनुरक्षण मासिक आधार पर किया जा रहा है। वाटर कूलर, नलों, पाइपलाइनों और अन्य फिटिंग में रिसाव मिलने पर फील्ड स्टाफ तत्काल मरम्मत कर रहा है, ताकि पानी की बर्बादी रोकी जा सके।
कमियों का प्राथमिकता से हो रहा निराकरण
रेलवे की ओर से जल स्रोतों, ट्रीटमेंट और फिल्ट्रेशन प्लांट, ओवरहेड व भूमिगत स्टील, आरसीसी और पीवीसी टैंक, पाइपलाइन, हैंडपंप, बोरवेल और संबंधित उपकरणों का लगातार निवारक निरीक्षण किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान मिलने वाली कमियों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जा रहा है।



