डुगडुगी बजाकर किया अनोखा प्रदर्शन, बोले- सड़क नहीं बनी तो आंदोलन रहेगा जारी
बोरियो। प्रखंड क्षेत्र के पुआल गांव में जर्जर कच्ची सड़क की समस्या से परेशान ग्रामीणों ने बुधवार को अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। ग्राम प्रधान संग्राम सोरेन के नेतृत्व में पुआल गांव के पांच टोला—मांझी टोला, डिगरा टोला, जाहेर टोला, नीचे टोला और ऊपर टोला—के ग्रामीणों ने डुगडुगी बजाकर कीचड़मय सड़क पर धान रोपा और सड़क निर्माण की मांग को लेकर विरोध जताया। ग्रामीणों ने कहा कि वर्षों से सड़क निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
आश्वासन मिला, सड़क नहीं बनी:
ग्राम प्रधान संग्राम सोरेन ने बताया कि सड़क निर्माण को लेकर डीसी, सांसद, विधायक, बीडीओ समेत जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों को कई बार लिखित आवेदन दिया गया है। इसके बावजूद वर्षों बीतने के बाद भी सड़क का निर्माण नहीं हो सका है। उन्होंने बताया कि पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान ग्रामीणों ने ‘रोड नहीं तो वोट नहीं’ का नारा लगाते हुए वोट बहिष्कार का निर्णय लिया था। बाद में बीडीओ के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने मतदान किया, लेकिन सरकार बनने के बाद भी सड़क की स्थिति जस की तस बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि जब तक सड़क निर्माण कार्य की योजना का शिलापट्ट नहीं लगाया जाता, तब तक ग्रामीण सड़क की मांग को लेकर इसी तरह विरोध प्रदर्शन करते रहेंगे।
हर साल कीचड़ में धान रोपकर जताएंगे विरोध

ग्रामीण सुनील सोरेन ने कहा कि सड़क निर्माण के आश्वासन का इंतजार करते-करते वर्षों बीत गए, लेकिन अब तक सड़क नहीं बन पाई। बरसात के दिनों में सड़क पूरी तरह कीचड़मय हो जाती है, जिससे पैदल चलना और वाहनों से आवागमन करना भी मुश्किल हो जाता है। उन्होंने कहा कि इसी कारण ग्रामीणों ने कीचड़ में धान रोपकर अपना विरोध जताया है। यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो हर साल इसी तरह सड़क पर धान रोपकर आंदोलन जारी रखा जाएगा।
बीमार और गर्भवती महिलाओं को होती है परेशानी:
ग्रामीण मनुवेल मुर्मू ने बताया कि बरसात के दिनों में जर्जर और कीचड़मय सड़क के कारण बीमार लोगों एवं गर्भवती महिलाओं को खटिया के सहारे काफी मुश्किलों से आयुष्मान आरोग्य मंदिर तक पहुंचाना पड़ता है। सड़क पर जगह-जगह पानी जमा रहने से आवागमन प्रभावित होने के साथ ही बीमारी फैलने की आशंका भी बनी रहती है।
ग्रामीणों ने प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों से जल्द सड़क निर्माण की दिशा में ठोस पहल करने की मांग की है। उनका कहना है कि सिर्फ आश्वासन नहीं, अब सड़क निर्माण का काम जमीन पर दिखाई देना चाहिए।



