साहिबगंज, राजमहल और बरहरवा में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ चलेगा जांच अभियान, जर्जर सड़कों की मरम्मत के निर्देश
साहिबगंज। जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए जिला प्रशासन ने सख्ती बरतने का निर्देश दिया है। सोमवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त सह जिला सड़क सुरक्षा समिति के अध्यक्ष दीपक कुमार दूबे की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में अवैध पार्किंग, नशे में वाहन चलाने और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सघन जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया गया।

बैठक में पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सिंह और वन प्रमंडल पदाधिकारी प्रबल गर्ग सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे। उपायुक्त ने साहिबगंज, राजमहल और बरहरवा क्षेत्र के राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर अवैध पार्किंग के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा। मोटरयान निरीक्षक, थाना प्रभारियों और सड़क सुरक्षा टीम को समन्वय बनाकर नियमित वाहन जांच करने का निर्देश दिया गया। शहरी क्षेत्रों में नो-एंट्री नियमों का सख्ती से पालन कराने तथा निर्धारित समय में भारी वाहनों के अनधिकृत प्रवेश पर रोक लगाने पर भी जोर दिया गया।
लंबित मामलों के निष्पादन के लिए 15 दिनों की समयसीमा :

बैठक में हिट एंड रन के लंबित मामलों पर उपायुक्त ने असंतोष जताते हुए संबंधित अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर आवश्यक कार्रवाई पूरी करने का निर्देश दिया। लंबित मोटरयान निरीक्षण (एमवीआई) जांच प्रतिवेदनों का भी इतने ही समय में निष्पादन करने को कहा गया। वहीं, साहिबगंज-गोविंदपुर मार्ग पर हरिणचरा मोड़ तक सड़क किनारे झाड़ियों की कटाई सात दिनों में पूरी करने और गति सीमा के संकेतक लगाने का निर्देश दिया गया।
जर्जर सड़कों की मरम्मत और दुर्घटना संभावित स्थलों पर सुरक्षा के निर्देश :
बैठक में साहिबगंज-सकरीगली राष्ट्रीय राजमार्ग-80, साहिबगंज-मिर्जाचौकी मार्ग पर महादेवगंज चौक तथा मिर्जाचौकी-रक्सी स्थान मार्ग के रेलवे अंडरपास की खराब स्थिति पर चर्चा हुई। संबंधित विभागों को सड़कों की मरम्मत एवं समतलीकरण का कार्य शीघ्र कराने को कहा गया। बोरियो-बरहेट मार्ग पर तेलों ब्रिज के समीप क्रैश बैरियर और परावर्तक संकेतक लगाने तथा उधवा पुल के पास निर्माण कार्य के दौरान सूचना संकेतक सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
सेंट जेवियर्स स्कूल के समीप संकरे पुल की मरम्मत एवं चौड़ीकरण की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में गति नियंत्रित करने के उपाय करने और सड़क सुरक्षा में बाधक पेड़ों को चिह्नित कर संबंधित विभाग को रिपोर्ट देने को कहा गया। बैठक में विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया।



