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Atal Bharat News > झारखंड > झारखंड के 6722 बूथों पर नहीं जुड़ा एक भी नया वोटर, रांची सबसे पीछे – CEO ने जताई नाराजगी

झारखंड के 6722 बूथों पर नहीं जुड़ा एक भी नया वोटर, रांची सबसे पीछे – CEO ने जताई नाराजगी

AMRIT RAJ
Last updated: 2026/09/01 at 3:39 PM
AMRIT RAJ
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राज्य के 6,722 मतदान केंद्रों पर एक भी नया मतदाता जोड़ने का फॉर्म-6 प्राप्त नहीं हुआ है. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने इस पर कड़ी नाराजगी जताई है. रांची सबसे खराब स्थिति में है, जहां 1,209 केंद्रों पर एक भी आवेदन नहीं आया है.

रांची. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रविकुमार ने सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के तहत मतदाता सूची के ड्राफ्ट प्रकाशन के बाद नये और युवा पात्र नागरिकों को मतदाता सूची से जोड़ने के काम में तेजी लाने का निर्देश दिया है. उन्होंने मतदान केंद्रवार फॉर्म-6 की स्थिति की समीक्षा करते हुए पाया कि राज्य के 6,722 मतदान केंद्र ऐसे हैं, जहां अब तक एक भी फॉर्म-6 प्राप्त नहीं हुआ है. इसे उन्होंने गंभीर विषय बताते हुए संबंधित जिलों को विशेष समीक्षा करने का निर्देश दिया है.

Contents
1,209 मतदान केंद्रों पर अब तक एक भी फॉर्म-6 नहींराज्य के 6,722 बूथों पर एक भी आवेदन नहीं5 अगस्त को प्रकाशित हुआ मतदाता सूची का ड्राफ्टहर बूथ पर औसतन 60 आवेदन का अनुमानमतदाता सूची पंजीकरण का स्थायी संधारणस्कूल-कॉलेजों में चलेगा विशेष अभियानदूसरे के खतियान से वंशावली बनायी, तो होगी कानूनी कार्रवाईचुनावी रिकॉर्ड में गलत सूचनाचुनावी प्रक्रिया हो सकती है प्रभावितदूसरे परिवार की वंशावली में नाम जोड़ना अपराध क्यों

1,209 मतदान केंद्रों पर अब तक एक भी फॉर्म-6 नहीं

जिलावार समीक्षा में रांची की स्थिति सबसे खराब है. यहां के 1,209 मतदान केंद्रों पर अब तक एक भी फॉर्म-6 नहीं मिला है. इसके बाद पलामू में 592, हजारीबाग में 572, गिरिडीह में 416 और धनबाद में 392 मतदान केंद्र ऐसे हैं, जहां नये मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए कोई आवेदन नहीं आया है.

वहीं, एक से पांच फॉर्म-6 प्राप्त होनेवाले मतदान केंद्रों की संख्या भी काफी अधिक है. धनबाद में ऐसे 1,243, गिरिडीह में 1,072, रांची में 981, पलामू में 936 और हजारीबाग में 814 मतदान केंद्र हैं. सीइओ ने इन आंकड़ों को देखते हुए संबंधित जिलों के निर्वाचन पदाधिकारियों को मतदान केंद्रवार स्थिति की गहन समीक्षा करने को कहा है.

राज्य के 6,722 बूथों पर एक भी आवेदन नहीं

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने इतनी बड़ी संख्या में मतदान केंद्रों पर फॉर्म-6 नहीं मिलने को गंभीरता से लिया है. उन्होंने अधिकारियों को बूथवार समीक्षा कर यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित न रहे.

5 अगस्त को प्रकाशित हुआ मतदाता सूची का ड्राफ्ट

एसआइआर के तहत पांच अगस्त 2026 को मतदाता सूची का ड्राफ्ट प्रकाशित किया गया है. इसके बाद नये पात्र मतदाताओं से फॉर्म-6 और निर्धारित घोषणा-पत्र के माध्यम से ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन लिये जा रहे हैं. एक अक्तूबर 2026 को अर्हता तिथि मानते हुए इस तिथि तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके या करनेवाले सभी पात्र भारतीय नागरिकों का मतदाता सूची में पंजीकरण सुनिश्चित किया जाना है. एसआइआर के तहत फॉर्म-6 के माध्यम से नाम जोड़ने के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 15 सितंबर 2026 है.

हर बूथ पर औसतन 60 आवेदन का अनुमान

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि विधानसभा आम चुनाव 2024 के बाद करीब दो वर्ष की अवधि बीत चुकी है. राज्य में मतदाताओं की संख्या में प्रतिवर्ष करीब चार प्रतिशत की वृद्धि दर को देखते हुए प्रत्येक मतदान केंद्र पर औसतन करीब 60 फॉर्म-6 प्राप्त होने का अनुमान है. ऐसे में बड़ी संख्या में मतदान केंद्रों पर शून्य अथवा बेहद कम आवेदन मिलना चिंता का विषय है.

मतदाता सूची पंजीकरण का स्थायी संधारण

श्री रविकुमार ने कहा कि एसआइआर के तहत मतदाता सूची में किया गया पंजीकरण भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. इससे संबंधित अभिलेखों का स्थायी दस्तावेज के रूप में संधारण किया जाता है. इसलिए फॉर्म-6 और घोषणा-पत्र के प्राप्त होने से लेकर डिजिटाइजेशन और नियमानुसार निष्पादन तक पूरी प्रक्रिया निर्धारित समय-सीमा में पूरी की जाये.

स्कूल-कॉलेजों में चलेगा विशेष अभियान

सीइओ ने बीएलओ को होम-टू-रोल सत्यापन के दौरान घर-घर जाकर नये और युवा पात्र नागरिकों की पहचान करने का निर्देश दिया है. उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची में पंजीकरण से वंचित नहीं रहना चाहिए. पात्र नागरिकों से फॉर्म-6 और घोषणा-पत्र प्राप्त कर उनका समयबद्ध डिजिटाइजेशन भी सुनिश्चित किया जाये. स्कूलों और कॉलेजों में भी विशेष अभियान चलाकर 18 वर्ष की आयु पूरी करनेवाले युवाओं को मतदाता पंजीकरण के लिए प्रेरित करने को कहा गया है. युवाओं को ईसीआइ नेट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करने की जानकारी भी दी जायेगी.

दूसरे के खतियान से वंशावली बनायी, तो होगी कानूनी कार्रवाई

विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के दौरान मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए दूसरे के खतियान से बनायी गयी फर्जी वंशावली या प्रमाण पत्र का इस्तेमाल करनेवालों पर अब कानूनी कार्रवाई हो सकती है. चुनाव आयोग फर्जी वंशावली को ‘महज सामान्य दस्तावेजी गड़बड़ी’ नहीं मान रहा है. वंशावली का इस्तेमाल किसी व्यक्ति की पहचान, पारिवारिक संबंध और पुराने रिकॉर्ड से उसका संबंध साबित करने के लिए किया जाता है.

चुनावी रिकॉर्ड में गलत सूचना

यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर गलत वंशावली तैयार कराकर उसके आधार पर मतदाता सूची में अपना नाम शामिल कराने या किसी अपात्र व्यक्ति का नाम शामिल कराने का प्रयास करता है, तो यह ‘चुनावी रिकॉर्ड में गलत सूचना देने’ की श्रेणी में आ सकता है. राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रविकुमार ने स्पष्ट किया है कि दूसरे व्यक्ति के वंशज के साथ गैर-पारिवारिक व्यक्ति को अपनी वंशावली या खतियान के वंशज के रूप में शामिल नहीं करें. ऐसा करना दंडनीय अपराध है. वहीं, विदेशी नागरिक का नाम जोड़ने का प्रयास भी अपराध है.

चुनावी प्रक्रिया हो सकती है प्रभावित

उन्होंने बताया कि आयोग को फर्जी वंशावली बनाने से संबंधित शिकायतें मिली हैं. सूचना है कि कुछ मामलों में दूसरे लोगों की वंशावली में नाम जोड़कर फर्जी वंशावली तैयार कराने और उसके आधार पर जाति प्रमाण-पत्र, निवास प्रमाण-पत्र आदि बनवाने का प्रयास किया जा रहा है. एसआइआर में वंशावली और पुराने दस्तावेजों के आधार पर मतदाता के पारिवारिक संबंधों की जानकारी का इस्तेमाल सत्यापन में किया जा रहा है. ऐसे में फर्जी दस्तावेज के जरिये किसी व्यक्ति को परिवार का सदस्य या वंशज साबित करने की कोशिश चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है.

दूसरे परिवार की वंशावली में नाम जोड़ना अपराध क्यों

मतदाता सूची में केवल पात्र व्यक्ति का ही नाम दर्ज होना चाहिए. लोकप्रतिनिधित्व अधिनियम-1950 की धारा-16 के अनुसार भारत का नागरिक नहीं होनेवाला व्यक्ति मतदाता सूची में पंजीकरण के लिए अयोग्य है. इसके अलावा मतदाता सूची तैयार करने या उसमें नाम जोड़ने के लिए गलत घोषणा अथवा गलत जानकारी देने पर इसी अधिनियम की धारा-31 लागू हो सकती है.

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