कमाल शेख, तमीजुद्दीन शेख और रियाजुद्दीन शेख समेत दर्जनों प्रभावितों को अब तक नहीं मिला भुगतान
बरहरवा/साहिबगंज। संवाददाता। मिर्जाचौकी से फरक्का तक एनएच-80 के फोरलेन निर्माण की प्रक्रिया के बीच बरहरवा अंचल क्षेत्र के मिर्जापुर और सीरासीन गांव के जमीन मालिक मुआवजा भुगतान के लिए परेशान हैं। भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई के बाद मुआवजा राशि निर्धारित होने और संबंधित रैयतों को नोटिस जारी किए जाने के बावजूद कई लोगों को अब तक राशि का भुगतान नहीं हो पाया है। भुगतान की मांग को लेकर प्रभावित रैयत लगातार जिला भू-अर्जन कार्यालय और एनएचएआई से जुड़े कार्यालयों का चक्कर लगा रहे हैं।
मुआवजे के लिए कार्यालय पहुंचे प्रभावित रैयतों में सीरासीन गांव निवासी कमाल शेख, मिर्जापुर निवासी तमीजुद्दीन शेख और रियाजुद्दीन शेख सहित दर्जनों लोग शामिल हैं। इन लोगों का कहना है कि उनकी जमीन एनएच-80 फोरलेन परियोजना के लिए अधिग्रहित की गई है। संबंधित कागजात और नोटिस मिलने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि निर्धारित मुआवजा राशि जल्द मिल जाएगी, लेकिन लंबे समय से भुगतान लंबित है।
नोटिस और राशि तय, फिर भी भुगतान का इंतजार:
प्रभावित रैयतों के मुताबिक, मुआवजा भुगतान के संबंध में आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के लिए वे कई बार संबंधित कार्यालयों में आवेदन और दस्तावेज जमा कर चुके हैं। इसके बावजूद हर बार उन्हें जल्द भुगतान किए जाने का आश्वासन ही मिल रहा है।
दर्जनों रैयत पहुंचे कार्यालय, फिर लौटना पड़ा:
रैयतों का कहना है कि मुआवजे की उम्मीद में दर्जनों लोग उस दिन भी भू-अर्जन कार्यालय पहुंचे थे, लेकिन भुगतान नहीं होने के कारण उन्हें निराश होकर वापस लौटना पड़ा। प्रभावितों का कहना है कि कभी भू-अर्जन पदाधिकारी के कार्यालय तो कभी एनएचएआई कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है।
रैयतों ने जिला प्रशासन से मामले में पहल करते हुए अधिग्रहित भूमि से संबंधित अभिलेख और भुगतान प्रक्रिया की जांच कर लंबित मुआवजा राशि का शीघ्र भुगतान कराने की मांग की है। उनका कहना है कि फोरलेन का निर्माण जनहित में जरूरी है, लेकिन जिन लोगों की जमीन परियोजना के लिए ली गई है, उन्हें उनके अधिकार की राशि समय पर मिलनी चाहिए।



