पटना में जन सुनवाई के बाद बिहार के मंत्रियों ने BRICS शिखर सम्मेलन को भारत के लिए नए अवसरों का …और पढ़ें
पटना। पटना में सोमवार को जदयू प्रदेश कार्यालय में आयोजित जन सुनवाई कार्यक्रम के बाद बिहार सरकार के मंत्रियों ने एक तरफ BRICS शिखर सम्मेलन को भारत के लिए अवसरों का नया द्वार बताया, वहीं दूसरी ओर राज्य में बाढ़ की स्थिति और राहत-बचाव अभियान को लेकर सरकार की तैयारियों का भी ब्योरा दिया।
ग्रामीण विकास एवं सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री श्रवण कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को BRICS के सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि सम्मेलन के दूरगामी लाभ भारत को मिलेंगे। इसके साथ ही उन्होंने बिहार में बाढ़ प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता देने की बात कही।
BRICS से भारत को दूरगामी फायदा मिलने का दावा
श्रवण कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में BRICS का सफल आयोजन भारत के लिए अवसरों के नए द्वार खोलेगा। उनके मुताबिक इस आयोजन से भारत को भविष्य में कई स्तरों पर लाभ मिलने की उम्मीद है।
जदयू कार्यालय में जन सुनवाई के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने BRICS शिखर सम्मेलन को लेकर प्रधानमंत्री को बधाई दी। उन्होंने कहा कि आयोजन की सफलता का फायदा आने वाले समय में देश को मिलेगा।
बाढ़ पर सरकार की प्राथमिकता, राहत कार्य तेज करने का दावा
BRICS के साथ बिहार के मौजूदा बाढ़ संकट का मुद्दा भी बातचीत में प्रमुखता से सामने आया। श्रवण कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लगातार यह कहते रहे हैं कि सरकारी खजाने पर पहला हक आपदा पीड़ितों का है।
उन्होंने दावा किया कि इसी सोच के साथ वर्तमान NDA सरकार बाढ़ प्रभावित लोगों तक हरसंभव सहायता पहुंचाने के लिए गंभीरता से काम कर रही है। सरकार का जोर प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत उपलब्ध कराने पर है।
हर जिले में प्रभारी मंत्री और अधिकारी कर रहे निगरानी
ग्रामीण कार्य मंत्री सुनील कुमार ने बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव अभियान पूरी मुस्तैदी के साथ चलाया जा रहा है। प्रत्येक जिले में प्रभारी मंत्री और वरीय अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
उन्होंने कहा कि प्रशासन को प्रभावित क्षेत्रों में राहत व्यवस्था के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश हैं। सरकार का दावा है कि जमीनी स्तर पर हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
राहत सामग्री से लेकर सामुदायिक रसोई तक पर फोकस
सुनील कुमार के मुताबिक प्रभावित परिवारों तक समय पर राहत सामग्री पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में सामुदायिक रसोई के संचालन को भी प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि लोगों को भोजन के लिए परेशानी न हो।
इसके साथ ही सुरक्षित एवं पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जा रहा है। प्रशासन को प्रभावित इलाकों में बुनियादी जरूरतों की लगातार समीक्षा करने को कहा गया है।
इंसानों के साथ पशुओं के लिए भी इंतजाम
बाढ़ की स्थिति में पशुधन को होने वाली परेशानी को देखते हुए सरकार ने पशुओं के लिए पर्याप्त चारे की व्यवस्था का दावा किया है। वहीं, प्रभावित इलाकों में आवागमन बनाए रखने के लिए नावों की व्यवस्था भी की गई है।
मंत्री ने कहा कि सुरक्षित आवागमन और राहत कार्यों को जारी रखना सरकार की प्राथमिकताओं में है। सरकार का लक्ष्य है कि बाढ़ प्रभावित लोगों को किसी प्रकार की कठिनाई न हो और उन्हें समय पर हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाए।
सियासी संदेश: BRICS के साथ बाढ़ राहत को भी बनाया मुद्दा
मंत्रियों के बयान में राष्ट्रीय उपलब्धि और राज्य की आपदा प्रबंधन व्यवस्थादोनों को एक साथ सामने रखा गया। एक ओर श्रवण कुमार ने BRICS को भारत के लिए नए अवसरों से जोड़ते हुए प्रधानमंत्री की सराहना की, तो दूसरी ओर बाढ़ प्रभावित बिहार में सरकार की सक्रियता का संदेश दिया।
अब राहत अभियान के बीच सबसे बड़ी चुनौती यही होगी कि प्रशासन के ये दावे बाढ़ प्रभावित इलाकों में जमीन पर कितने प्रभावी साबित होते हैं और प्रभावित परिवारों तक सहायता कितनी तेजी से पहुंचती है।



