सीतामढ़ी सदर अस्पताल में अव्यवस्था का मामला सामने आया, जहां मरीज एंबुलेंस के लिए तरसते रहे और चालक-ईएमटी छत पर मटन पार्टी कर रहे थे। सिविल सर्जन ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए 8 चालकों और ईएमटी को हटाने तथा संबंधित कमरे को खाली कराने का आदेश दिया है।
सीतामढ़ी। सदर अस्पताल की अव्यवस्था में लाख कोशिश के बाद भी सुधार होता नजर नहीं आ रहा है। कहीं लाचार मरीजों से भी पंजीयन के नाम पर रुपये वसूले जा रहे तो कहीं मरीजों को समय पर एंबुलेंस भी नहीं मिल पा रहा है। इसका प्रत्यक्ष उदाहरण रविवार की रात सामने आया।
एक ओर जहां मरीज एंबुलेंस के अभाव में तड़पते रहे वहीं दूसरी ओर चालक व ईएमटी (इमरजेंसी मेडिकल टेक्निशयन) अस्पताल परिसर में ही एक भवन की छत पर मटन पार्टी में व्यस्त रहे। इसको लेकर रविवार की देर रात अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा भी हुआ।
हालांकि, मामला संज्ञान में आने के बाद सिविल सर्जन डा. आरके यादव ने इसे गंभीर लापरवाही माना है और इस मामले में कार्रवाई के आदेश जारी कर दिया। कार्रवाई में छत पर स्थित संबंधित कमरे को तत्काल खाली कराने के साथ आठ चालक व ईएमटी को हटाने की बात कही है।
जानकारी के अनुसार रीगा थाना क्षेत्र के सिंघोरवा गांव निवासी अनिश मिश्रा और जगरनाथ मिश्रा सड़क दुर्घटना में घायल हो गए थे। दोनों को प्राथमिक उपचार के बाद रीगा पीएचसी से सदर अस्पताल भेजा गया था। एक के पैर और दूसरे के सिर में फ्रैक्चर बताया गया।
सदर अस्पताल में इलाज के बाद दोनों को बेहतर उपचार के लिए मुजफ्फरपुर रेफर कर दिया गया। इसके बाद स्वजन सरकारी एंबुलेंस खोजने लगे। काफी देर तक इंतजार के बाद भी उन्हें एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो पाया।
जबकि, अस्पताल परिसर में आठ सरकारी एंबुलेंस खड़ी थी। एंबुलेंस नहीं मिलने से परेशान मरीज के स्वजन अस्पताल परिसर में चिल्ला-चिल्ला कर मदद की गुहार लगाते रहे। अंतत: स्वजन ने मजबूरी में निजी वाहन का सहारा लिया और यहां से मरीज को लेकर रवाना हुए।
पूर्व विधायक के फोन पर भी नहीं मिला रिस्पांस
बताया गया कि इस दौरान रीगा के पूर्व विधायक अमित कुमार टुन्ना ने भी इमरजेंसी वार्ड के डाक्टरों और नर्सों से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन फोन रिसीव नहीं होने की शिकायत सामने आई। इससे मरीजों के स्वजन का आक्रोश बढ़ गया और अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया।
अस्पताल में एंबुलेंस की व्यवस्था के साथ सीटी स्कैन और एक्स-रे सेवा को लेकर भी मरीजों की परेशानी सामने आई। मशीन के खराब रहने के कारण दूर-दराज से आए मरीजों को जांच के लिए दूसरे स्थानों पर जाना पड़ा। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, एक ही दिन में 25 से अधिक मरीजों को बेहतर जांच व इलाज के लिए दूसरे अस्पतालों में रेफर करना पड़ा।
एसीओ पर पूर्व में भी लगे हैं आरोप
अस्पताल प्रशासन के अनुसार एसीओ (एंबुलेंस कम्युनिटी आफिसर) निकेश चौधरी की कार्यशैली को लेकर पूर्व में भी शिकायतें सामने आती रही हैं।
ईएमटी रवि शंकर सिंह की मौत के बाद उनकी पत्नी रिया सिंह ने भी एसीओ पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए तत्कालीन सिविल सर्जन डा. अखिलेश कुमार को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की थी। हालांकि इस मामले में अब तक कोई कार्रवाई कार्रवाई नहीं हुई है।
मरीजों को एंबुलेंस नहीं मिलने और चालक व ईएमटी के पार्टी में शामिल होने की सूचना की जांच कराई गई। प्रथमदृष्टया शिकायत सही पाई गई जो गंभीर लापरवाही है। छत पर स्थित जिस कमरे में मटन पार्टी की बात सामने आई है उसे तत्काल खाली कराने का निर्देश दिया गया है। साथ ही लापरवाही बरतने वाले आठ चालक व ईएमटी को तत्काल प्रभाव से हटाने का आदेश दिया गया है। मरीजों की सुविधा में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।



