JSSC-CGL Scam: सीआईडी ने जेपीएससी और जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा गड़बड़ी मामले में गिरफ्तार सुधाकर कुमार के देवघर स्थित आवास पर तलाशी अभियान चलाया।
देवघर। जेपीएससी एवं जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा में कथित गड़बड़ी (JSSC-CGL Scam) के मामले में Jharkhand CID की कार्रवाई देवघर में भी देखने को मिली। मामले में गिरफ्तार सुधाकर कुमार के जिले के रिखिया थाना क्षेत्र के बैजनाथपुर बंधा स्थित किराए के आवास पर सीआइडी की टीम ने तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान सीआइडी की टीम के साथ जिले के मोहनपुर व रिखिया थाना की पुलिस टीम भी शामिल थी।
जानकारी हो कि पिछले दिनों सीआइडी की टीम ने सुधाकर को देवघर से हिरासत में लिया था। उससे पूछताछ के दौरान कई चौंकाने वाली बातें सामने आईं। उसकी स्वीकारोक्ति बयान के आधार पर सीआइडी की टीम ने उसे विधिवत गिरफ्तार किया।
40 विद्यार्थियों के मिले मूल प्रमाण पत्र
सीआईडी की टीम बुधवार को उसके बैजनाथपुर बंधा स्थित आवास पर पहुंचकर तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान टीम ने 40 से अधिक विद्यार्थियों के मूल प्रमाण पत्र, करीब साढ़े तीन लाख रुपये नकद, एक लैपटॉप, कई अभ्यर्थियों के हस्ताक्षर वाले ब्लैंक चेकबुक समेत जेएसएससी से संबंधित कई दस्तावेज आदि बरामद किए। इस दौरान पूरी जब्ती प्रक्रिया की फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी की गई।
मिली जानकारी के अनुसार, जेपीएससी एवं जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा में गड़बड़ी से जुड़े मामले की जांच के क्रम में सीआइडी टीम ने देवघर से सुधाकर कुमार को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद बुधवार को सीआइडी की टीम देवघर पहुंची और उसके बैजनाथपुर स्थित आवास पर तलाशी अभियान चलाया गया।
बरामद दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच के बाद ही मामले से जुड़े अन्य तथ्यों का खुलासा होने की संभावना है। सीआइडी द्वारा बरामद सभी सामान को जांच के लिए अपने कब्जे में लिया गया है। फिलहाल जांच एजेंसी की ओर से बरामद दस्तावेजों और अन्य सामग्री के संबंध में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। सर्च अभियान पूरा करने के बाद टीम वापस रांची लौट गई।
भर्ती घोटाले व सुधाकर के हैं गहरे राज
भर्ती घोटाले में सुधाकर की गिरफ्तारी को कई मायनों में अहम माना जा रहा है। इस घोटाले से सुधाकर के गहरे राज जुड़े हुए हैं। सूत्रों की मानें तो जांच में यह बात सामने आई है कि उसके तार जेएसएससी और सीजीएल के अलावा जेपीएससी, पशुपालन विभाग, पीपी, हाई कोर्ट, एक्साइज विभाग, शिक्षा आदि विभागों में बहाली से भी जुड़े हुए हैं।
सुधाकर ने सीजीएल में कई छात्रों की सीधे सेटिंग की। वहीं, उसके गिरोह के द्वारा 1200 से 1300 लोगों की सेटिंग विभिन्न स्तर पर की गई। इन छात्रों को हजारीबाग, आसनसोल, रांची, कोडरमा, गिरिडीह आदि जगहों पर प्रश्नपत्र रटाया गया।
इस खेल में करोड़ों रुपये की हेराफेरी की गई है। अब तक की जांच में यह बात सामने आ रही है कि झारखंड की लगभग सभी परीक्षाओं में सेटिंग चल रही थी। सुधाकर ने कुछ सत्ताधारी नेताओं के भी नाम बताएं हैं।



