जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में गड़बड़ी के मामले में अदालत के सख्त रुख के बाद जांच एजेंसियों ने शिकंजा कस दिया है. पलामू में दो आरोपियों के घर पर CID और पुलिस की टीम ने छापेमारी की, हालांकि आरोपी फरार मिले
रांची : जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) परीक्षाओं में हुई धांधली और गड़बड़ी के मामले में अदालत के सख्त रुख के बाद जांच एजेंसियों ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. पलामू निवासी दो आरोपियों के खिलाफ कोर्ट से गैर-जमानती वारंट जारी होने के बाद बुधवार को सीआईडी (CID) और पलामू पुलिस की संयुक्त टीम ने शहर थाना क्षेत्र में दो प्रमुख ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की. हालांकि, कार्रवाई के दौरान दोनों मुख्य आरोपी अपने-अपने घर से फरार मिले, जिसके बाद पुलिस ने उनके परिजनों को कड़ा निर्देश जारी किया है.
हनुमान नगर और हमीदगंज में छापेमारी
संयुक्त जांच टीम ने शहर के हनुमान नगर स्थित कोचिंग संचालक रविशंकर कुमार के आवास और हमीदगंज स्थित सरकारी शिक्षक संतोष कुमार सिंह के घर पर दबिश दी. छापेमारी के दौरान रविशंकर के घर पर उनके माता-पिता और संतोष कुमार सिंह के घर पर उनके ससुर मौजूद थे. पुलिस टीम ने परिजनों को अदालत द्वारा जारी वारंट की औपचारिक जानकारी दी और स्पष्ट निर्देश दिया कि दोनों आरोपियों को जल्द से जल्द न्यायालय में हाजिर कराएं, अन्यथा आगे कुर्की-जब्ती जैसी कठोर कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी.
3 अगस्त को भी हुई थी रेड
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व 3 अगस्त की सुबह भी सीआईडी ने दोनों आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी की थी. उस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कई संदिग्ध दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस (लैपटॉप, मोबाइल, पेन ड्राइव आदि) जब्त किए थे. फिलहाल सीआईडी की फॉरेंसिक टीम जब्त सामान की गहनता से जांच कर रही है. जांच अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल एविडेंस से मिलने वाले सुरागों के आधार पर केस में कई बड़े चेहरों और नेटवर्क का खुलासा हो सकता है.
रांची में कोचिंग चलाता है रविशंकर
मामले की जांच कर रही पुलिस के अनुसार, हनुमान नगर निवासी रविशंकर कुमार राजधानी रांची में एक चर्चित कोचिंग संस्थान का संचालन करता है, जहां जेपीएससी समेत अन्य राज्यस्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती है. वहीं, दूसरा आरोपी संतोष कुमार सिंह नौडीहा बाजार प्रखंड में सरकारी शिक्षक के पद पर कार्यरत है. दोनों पर परीक्षा प्रणाली में सांठगांठ और गड़बड़ी फैलाने के गंभीर आरोप हैं. कोर्ट से वारंट मिलने के बाद पुलिस की विशेष टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार निगरानी रख रही हैं.




