साहिबगंज। JPSC-JSSC परीक्षा विवाद को लेकर झारखंड में जारी राजनीतिक बयानबाजी के बीच झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय प्रवक्ता-सचिव पंकज मिश्रा ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि छात्र आंदोलन की आड़ में राजनीतिक उपद्रव फैलाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने भाजपा पर छात्रों को भड़काने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने छात्रों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए कई प्रतियोगी परीक्षाओं को रद्द किया है और मामले की जांच भी कराई जा रही है।
हाईकोर्ट के फैसले पर 15 सितंबर तक इंतजार की अपील :

पंकज मिश्रा ने कहा कि परीक्षा और नियुक्तियों को रद्द करने के सरकार के फैसले पर हाईकोर्ट ने अंतरिम रोक लगाते हुए सरकार को अपना पक्ष रखने के लिए 15 सितंबर तक का समय दिया है। ऐसे में छात्रों को तब तक इंतजार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार हाईकोर्ट के समक्ष अपना पक्ष रखेगी और छात्र हित में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने दावा किया कि परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच के दौरान दो दर्जन से अधिक लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से गठित जांच एजेंसियां मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं।
भाजपा पर राजनीतिक लाभ के लिए आंदोलन भड़काने का आरोप :
JMM नेता ने आरोप लगाया कि हाईकोर्ट की प्रक्रिया पूरी होने से पहले भाजपा छात्र आंदोलन को राजनीतिक रंग देने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि झारखंड आंदोलन की पृष्ठभूमि से निकली JMM हमेशा छात्रों और आंदोलनकारियों के हित में खड़ी रही है। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे जल्दबाजी में कोई निर्णय न लें और 15 सितंबर तक न्यायिक प्रक्रिया का इंतजार करें।
खनिज संपदा से जुड़े बिल के खिलाफ 7 सितंबर को आंदोलन :
पंकज मिश्रा ने केंद्र सरकार के खनिज संपदा से जुड़े प्रस्तावित संशोधन का भी विरोध किया। उन्होंने इसे झारखंड के हितों और अधिकारों के खिलाफ बताते हुए कहा कि जल, जंगल, जमीन और खनिज पर राज्य के अधिकारों की अनदेखी नहीं की जा सकती। उन्होंने दावा किया कि प्रस्तावित बदलाव से राज्य की कई कल्याणकारी योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं। उन्होंने घोषणा की कि बिल के विरोध में JMM 7 सितंबर को प्रखंड से लेकर जिला और राज्य स्तर तक आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी इस मुद्दे को सड़क से सदन तक उठाएगी और केंद्र सरकार से प्रस्तावित बिल वापस लेने की मांग करेगी।
मौके पर विधायक धनंजय सोरेन, जिला अध्यक्ष अरुण सिंह, नगर परिषद अध्यक्ष रामनाथ पासवान, समेत अन्य मौजूद थे।



