झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) बोर्ड का पूर्ण गठन जल्द होगा. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उपाध्यक्ष और 13 सदस्यों की नियुक्ति के लिए सहमति दे दी है. नियुक्ति के लिए जल्द विज्ञापन जारी होगा.
झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) बोर्ड के पूर्ण गठन का मामला लंबित है. जैक के उपाध्यक्ष व 13 सदस्यों के पद लंबे समय से खाली है. खाली पदों पर अब तक नियुक्ति नहीं की जा सकी है. जैक बोर्ड का पूर्ण गठन करने, जैक में कार्यरत फाइनेंस व एकेडमिक अधिकारियों को हटाने को लेकर झारखंड हाइकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गयी है. इसके बाद स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है. जैक के उपाध्यक्ष की नियुक्ति तथा 13 सदस्यों के मनोनयन के लिए संचिका विभागीय मंत्री सह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पास भेजा गया था. इस पर मुख्यमंत्री से सहमति मिल गयी है.
उपाध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्ति के लिए जल्द निकलेगा विज्ञापन
उपाध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्ति के लिए विज्ञापन निकालने की सहमति के साथ संचिका विभाग में लौट गयी है. अब विभाग द्वारा विज्ञापन निकालने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी गयी है. विज्ञापन के माध्यम से योग्य लोगों से आवेदन मांग कर नियुक्ति जायेगी. इस संबंध में जल्द विज्ञापन आने की संभावना जतायी गयी है.
सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक ने दायर की याचिका
सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक व सामाजिक कार्यकर्ता राजनंदन महतो ने झारखंड हाइकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है. याचिका में जैक बोर्ड का पूर्ण गठन करने व उपाध्यक्ष की नियुक्ति की मांग की गयी है. जैक उपाध्यक्ष का पद नौ फरवरी 2025 से खाली है, जबकि 13 सदस्यों का पद 15 मई 2026 से खाली पड़ा है. बिना वित्त समिति की अनुशंसा के जैक में राशि खर्च की जा रही है. प्रार्थी ने याचिका में आरोप लगाया है कि जैक में कार्यरत वित्त पदाधिकारी व एकेडमिक ऑफिसर अवैध तरीके से नियुक्त हैं. उन्हें पद से हटाने की प्रार्थी ने मांग की है. प्रार्थी ने राज्य सरकार, मुख्य सचिव, शिक्षा सचिव, जैक अध्यक्ष, जैक सचिव को मामले में प्रतिवादी बनाया है. प्रार्थी ने कहा है कि विधानसभा में भी जैक बोर्ड के पूर्ण गठन का मामला उठा था, उस पर राज्य सरकार की ओर से आश्वासन दी गयी थी कि जल्द कार्रवाई की जायेगी.



