• About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
Atal Bharat  News
  • होम
  • देश और दुनिया
  • राज्य
    • झारखंड
    • बिहार
    • दिल्ली
    • गुजरात
    • उत्तरप्रदेश
  • शिक्षा
  • खेलकूद
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • स्वास्थ्य
  • चुनाव 2024
  • 🔥
  • झारखंड
  • साहिबगंज
  • देश और दुनिया
  • बिहार
  • राजनीति
  • दिल्ली
  • Uncategorized
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • राज्य
Atal Bharat  NewsAtal Bharat  News
Font ResizerAa
  • होम
  • देश और दुनिया
  • राज्य
  • शिक्षा
  • खेलकूद
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • स्वास्थ्य
  • चुनाव 2024
Search
  • होम
  • देश और दुनिया
  • राज्य
    • झारखंड
    • बिहार
    • दिल्ली
    • गुजरात
    • उत्तरप्रदेश
  • शिक्षा
  • खेलकूद
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • स्वास्थ्य
  • चुनाव 2024
Have an existing account? Sign In
Follow US
© 2024, atalbharatnews.com | All Rights Reserved.
Atal Bharat News > झारखंड > क्या झारखंड में छात्रों का आंदोलन पड़ने लगा धीमा? संख्या कम होने से फुटपाथ दुकानदारों की घटने लगी कमाई

क्या झारखंड में छात्रों का आंदोलन पड़ने लगा धीमा? संख्या कम होने से फुटपाथ दुकानदारों की घटने लगी कमाई

AMRIT RAJ
Last updated: 2026/08/13 at 11:18 AM
AMRIT RAJ
Share
SHARE

रांची में JPSC समेत विभिन्न मांगों को लेकर चल रहा छात्रों का आंदोलन अब धीमा पड़ रहा है, जिसका सीधा असर जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम के आसपास के फुटपाथ दुकानदारों पर पड़ा है. एक समय जहां आंदोलनकारियों की भीड़ से इनकी कमाई रिकॉर्ड तोड़ रही थी, वहीं अब संख्या घटने से बिक्री में भारी गिरावट आई है.

रांची से नवीन शर्मा की रिपोर्ट

Contents
फुटपाथ दुकानदारों की कमाई प्रभावितआंदोलन के दौरान दुकानदारों की रिकॉर्ड कमाई10 साल की दुकानदारी में पहली बार दिखी ऐसी बिक्रीएक दिन में बिकती थी दो हजार से ज्यादा कप चायफल और जूस वालों को भी लगा झटकादुकानदार बोले, कमाई अपनी जगह, छात्र घर लौटेंभीड़ घटी तो बिक्री भी घटीछात्रों की संख्या कम, लेकिन आंदोलन खत्म नहींसरकार-छात्र की सहमति पर टिकी सबकी नजरें

JPSC Student Protest: झारखंड में JPSC समेत विभिन्न मांगों को लेकर पिछले 19 दिनों से चल रहा छात्रों का आंदोलन अब धीरे-धीरे धीमा पड़ता दिखाई दे रहा है. 10 अगस्त को विधानसभा घेराव के बाद जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जुटे छात्रों की संख्या में लगातार कमी आती दिखाई दे रही है. आंदोलन में शामिल आधे से अधिक छात्र अपने घर लौट चुके हैं. हालांकि, संख्या घटने के बावजूद आंदोलन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और छात्र अब भी अपनी मांगों को लेकर स्टेडियम में डटे हुए हैं.

फुटपाथ दुकानदारों की कमाई प्रभावित

छात्र आंदोलन की भीड़ कम होने का असर सिर्फ प्रदर्शन स्थल पर ही नहीं, बल्कि स्टेडियम के आसपास रोजी-रोटी चलाने वाले फुटपाथ दुकानदारों पर भी दिखाई देने लगा है. आंदोलन के दौरान जहां इन दुकानदारों के लिए स्टेडियम के आसपास का इलाका अचानक बड़े बाजार में बदल गया था, वहीं अब भीड़ कम होने के साथ उनकी बिक्री भी काफी घट गयी है. इंसानों के आंदोलन का भी अपना अर्थशास्त्र होता है, यह बात शायद इन चाय के कपों ने सबसे साफ समझी.

आंदोलन के दौरान दुकानदारों की रिकॉर्ड कमाई

पिछले करीब 10 दिनों में जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम के आसपास दुकान लगाने वाले फुटपाथ दुकानदारों ने जमकर कमाई की. चाय, नाश्ता, फास्ट फूड, चाट-गुपचुप, फल और जूस बेचने वाले दुकानदारों के लिए आंदोलन के दौरान ग्राहकों की संख्या अचानक कई गुना बढ़ गयी थी. कई दुकानदारों का कहना है कि आंदोलन के दौरान जितनी कमाई हुई, उतनी उन्होंने वर्षों की दुकानदारी में भी नहीं की थी. बड़ी संख्या में छात्रों के लगातार स्टेडियम में रहने के कारण सुबह से लेकर देर रात तक दुकानों पर भीड़ बनी रहती थी. एक फल विक्रेता ने बताया कि वह करीब 40 साल से दुकान लगा रहे हैं, लेकिन इतने लंबे समय में कभी एक साथ इतनी कमाई नहीं हुई, जितनी आंदोलन के पिछले 10 दिनों में हुई. उनके मुताबिक, आंदोलन के कारण रोजाना ग्राहकों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना बढ़ गयी थी.

10 साल की दुकानदारी में पहली बार दिखी ऐसी बिक्री

स्टेडियम के आसपास चाय बेचने वाले दुकानदारों के लिए भी आंदोलन किसी बड़े कारोबारी सीजन से कम नहीं रहा. एक चाय दुकानदार ने बताया कि वह करीब 10 साल से दुकान चला रहे हैं, लेकिन पिछले 10 दिनों जैसी बिक्री उन्होंने पहले कभी नहीं देखी. छात्रों की बड़ी संख्या के कारण चाय और नाश्ते की मांग लगातार बनी रही. आंदोलन स्थल पर मौजूद छात्रों, उनके साथ पहुंचे लोगों और अन्य लोगों के कारण छोटी-छोटी दुकानों पर भी ग्राहकों की कतार दिखाई देती थी.

एक दिन में बिकती थी दो हजार से ज्यादा कप चाय

आंदोलन के दौरान चाय की दुकानों पर सबसे ज्यादा भीड़ देखी गयी. दुकानदारों के अनुसार, सामान्य दिनों में जहां चाय की बिक्री सीमित रहती है, वहीं आंदोलन के दौरान कई दुकानदार एक दिन में 2 हजार से ज्यादा कप चाय तक बेच रहे थे. सुबह आंदोलन शुरू होने से पहले से ही चाय की मांग शुरू हो जाती थी. दिनभर छात्रों के बीच चाय और नाश्ते का सिलसिला चलता रहता था. देर शाम तक भी दुकानों पर ग्राहकों की मौजूदगी बनी रहती थी. अब तस्वीर बदल गयी है. छात्रों की संख्या घटने के बाद दुकानदारों का कहना है कि 100 कप चाय बेचना भी मुश्किल हो गया है. यानी कुछ दिनों पहले जहां चाय के कप लगातार निकल रहे थे, अब उसी जगह दुकानदार ग्राहकों का इंतजार करते दिखाई दे रहे हैं.

फल और जूस वालों को भी लगा झटका

आंदोलन के दौरान केवल चाय और नाश्ते की दुकानों की बिक्री नहीं बढ़ी थी. फल और जूस बेचने वाले दुकानदारों को भी इसका फायदा मिला. बड़ी संख्या में छात्र स्टेडियम में मौजूद थे और लंबे समय तक आंदोलन स्थल पर रहने के कारण खाने-पीने की चीजों की मांग बनी हुई थी. दुकानदारों के मुताबिक, आंदोलन के शुरुआती दिनों में ग्राहकों की संख्या इतनी अधिक थी कि सामान खत्म होने पर उन्हें कई बार दोबारा माल मंगाना पड़ता था. अब छात्रों की संख्या घटने के साथ मांग भी कम हो गयी है.

दुकानदार बोले, कमाई अपनी जगह, छात्र घर लौटें

आंदोलन से आर्थिक फायदा होने के बावजूद दुकानदार छात्रों के आंदोलन के लंबे समय तक जारी रहने के पक्ष में नहीं हैं. जब उनसे पूछा गया कि यदि आंदोलन चलता रहेगा तो उनकी दुकानदारी भी चलती रहेगी, क्या वे चाहते हैं कि प्रदर्शन इसी तरह जारी रहे, तो उनका जवाब कारोबार से अलग था. दुकानदारों ने कहा कि कमाई अपनी जगह है, लेकिन वे चाहते हैं कि छात्रों की मांगें पूरी हों और आंदोलन खत्म हो. छात्रों को अपने घर लौटना चाहिए और शहर में सामान्य स्थिति बहाल होनी चाहिए. यानी जिन छात्रों की मौजूदगी से पिछले 10 दिनों में दुकानदारों की कमाई बढ़ी, उन्हीं छात्रों के जल्द घर लौटने की इच्छा भी दुकानदार जता रहे हैं. रोजमर्रा की जिंदगी का हिसाब-किताब शायद मुनाफे से थोड़ा ज्यादा जटिल होता है.

भीड़ घटी तो बिक्री भी घटी

छात्र आंदोलन की भीड़ ने जहां अपनी मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बनाया, वहीं इस दौरान आसपास के छोटे दुकानदारों को भी अप्रत्याशित आर्थिक फायदा मिला. अब भीड़ कम हुई है तो बिक्री भी घट गयी है. आंदोलन की राजनीति अपनी जगह है, लेकिन स्टेडियम के बाहर चाय की दुकान पर इसका सबसे सीधा हिसाब शायद अब भी वही है, 2 हजार कप से 100 कप तक.

छात्रों की संख्या कम, लेकिन आंदोलन खत्म नहीं

जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्रों की संख्या में कमी जरूर आयी है, लेकिन आंदोलन पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है. छात्र अपनी मांगों को लेकर अब भी डटे हुए हैं. आंदोलन के दौरान बड़ी संख्या में छात्र राज्य के अलग-अलग जिलों से रांची पहुंचे थे. 10 अगस्त को विधानसभा घेराव के बाद आंदोलन का स्वरूप बदला है और अब स्टेडियम में पहले की तुलना में कम छात्र मौजूद हैं. आधे से अधिक छात्रों के घर लौटने के बावजूद आंदोलन से जुड़े छात्र अपनी मांगों पर कायम हैं.

सरकार-छात्र की सहमति पर टिकी सबकी नजरें

अब आंदोलन का अगला चरण सरकार और छात्रों के बीच बातचीत और संभावित सहमति पर निर्भर करेगा. यदि छात्रों की मांगों को लेकर कोई ठोस समाधान निकलता है, तो आंदोलन समाप्त होने की संभावना बढ़ेगी. वहीं, यदि बातचीत बेनतीजा रहती है, तो कम हुई भीड़ के बावजूद आंदोलन दोबारा तेज हो सकता है. फिलहाल स्टेडियम में छात्रों की संख्या कम होने के साथ आसपास की सड़क किनारे दुकानों की रौनक भी फीकी पड़ गयी है. जिन दुकानदारों के लिए पिछले करीब 10 दिन असाधारण कमाई लेकर आये थे, उनके लिए अब कारोबार फिर सामान्य दिनों की पटरी पर लौटता दिख रहा है.

Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
Previous Article Sahibganj: स्वतंत्रता दिवस से पहले सिद्धो-कान्हू स्टेडियम में हुआ फुल ड्रेस रिहर्सल
Next Article हजारीबाग में 10 साल से जमे शिक्षकों का होगा तबादला, DC ने 25 अगस्त तक मांगी रिपोर्ट
Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

JPSC-JSSC Scam: पलामू में CID की ताबड़तोड़ रेड, कोचिंग संचालक और सरकारी शिक्षक के घर दबिश, परिजनों को दी चेतावनी
August 13, 2026
बिजली चोरी की जांच के नाम पर पैसे मांगने का आरोप, वायरल वीडियो के बाद विभाग ने थाने में दिया आवेदन
August 13, 2026
पंचायतों में योजनाओं की रफ्तार बढ़ाने की कवायद,जनप्रतिनिधियों और कर्मियों को मिला प्रशिक्षण
August 13, 2026
बांका के बाराहाट निर्वाचन कार्यालय में डाटा ऑपरेटर को लेकर बढ़ा विवाद, जनप्रतिनिधियों ने दी आंदोलन की चेतावनी
August 13, 2026

You Might Also Like

झारखंडरांचीशिक्षा

JPSC-JSSC Scam: पलामू में CID की ताबड़तोड़ रेड, कोचिंग संचालक और सरकारी शिक्षक के घर दबिश, परिजनों को दी चेतावनी

By AMRIT RAJ
साहिबगंजझारखंड

पंचायतों में योजनाओं की रफ्तार बढ़ाने की कवायद,जनप्रतिनिधियों और कर्मियों को मिला प्रशिक्षण

By AMRIT RAJ
झारखंड

जहां जलती हैं चिताएं, वहां थकान मिटा रहे कांवरियां : देवघर श्मशान घाट बना कांवरियों का विश्राम स्थल

By AMRIT RAJ
झारखंड

अनुग्रह मेमोरियल कॉलेज के शिक्षक-कर्मियों ने की नारेबाजी, प्रस्तावित बिहार विश्वविद्यालय अधिनियम का किया विरोध

By AMRIT RAJ
Atal Bharat  News

About US

AtalBharat TV is Digital Wave Media News Channel. We are guided by a clear vision, mission and the core Indian value of “Satyam Shivam Sundaram”. Amidst the threats of fakes and deep-fakes, we will strive to serve audiences across geographies with truth-based news and information.

Important Pages
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
Usefull Links
  • DNPA Code
  • Submit News
  • Advertise

Contact Address

Helpline: +91-6204459521
9471359719
Email: atalbharatnews@gmail.com
Address: Sahibganj, Jharkhand, 816109.

© 2024, atalbharatnews.com | All Rights Reserved.

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?