रांची में इस बार गोलगप्पों से पूजा पंडाल बनाया जा रहा है जो लोगों के आकर्षण का केंद्र रहेगा
रांचीः दुर्गा पूजा को लेकर उत्साह चरम पर है. राजधानी रांची सहित पूरे राज्यभर में हर साल की तरह इस बार भी एक से बढ़कर एक पूजा पंडाल बनाया जा रहा है. ऐसे में इस बार राजधानी रांची के श्रद्धालु बंगाल का गोलगप्पे और चनाचूर की थीम पर बना पूजा पंडाल का आनंद उठाएंगे. हिनू शुक्ला कॉलोनी में तैयार हो रहे इस पूजा पंडाल की खासियत यह है कि दूर से ही आपको इसकी भव्यता का अहसास हो जाएगा. पंडाल की ऊंचाई लगभग 55 फीट और चौड़ाई करीब 60 फीट है जो श्रद्धालुओं के लिए खासा आकर्षण का केंद्र होगा. सनातन संघ दुर्गा पूजा समिति के द्वारा तैयार हो रहे इस पूजा पंडाल में 11 फीट ऊंची मां दुर्गा की भव्य और जीवंत प्रतिमा है जहां मां दुर्गा को महिषासुर का वध करते हुए दर्शाया गया है.
10 हजार गोलगप्पों से सजेगा पूजा पंडाल
गोलगप्पे और चनाचूर से तैयार हो रहे इस पूजा पंडाल को पश्चिम बंगाल से आए कारीगर रात दिन मेहनत कर पूरा करने में लगे हैं. सनातन संघ दुर्गा पूजा समिति ने बंगाल से 10 हजार से अधिक गोलगप्पे मंगवाए हैं जिसे आकर्षक ढंग से पंडाल में लगाया जा रहा है. कारीगर गौतम प्रधान कहते हैं कि उनके साथ 10 कारीगर हैं जो करीब डेढ़ महीने से पंडाल के निर्माण कार्य में लगे हुए हैं. पंडाल के अंदर बाहर गोलगप्पे और चनाचूर लगाए जा रहा हैं. पंडाल के भीतर आकर्षक ड्राइंग बनेंगी जो गोलगप्पा खाने के तरीके को प्रदर्शित करेगी.आयोजक देवेश कुमार झा कहते हैं कि कुछ नया करने के सोच के साथ यह कॉन्सेप्ट मन में आया और इसे जमीन पर उतारने की कोशिश की जा रही है. 16 अक्टूबर षष्ठी को पंडाल का उदघाटन होगा इससे पहले पंडाल पूरी तरह से बनकर तैयार हो जायेगा. अध्यक्ष कुंदन कुमार सिंह ने कहा कि इस वर्ष पंडाल का थीम पश्चिम बंगाल की प्रसिद्ध और लोकप्रिय खाद्य संस्कृति से प्रेरित है. पंडाल के कलात्मक ढांचे में गोलगप्पे की छोटी टोकरी और पारंपरिक चनाचूर खाने वाले कोनों (स्ट्रीट फूड कल्चर) के खूबसूरत मॉडल शामिल किए जा रहे हैं.

गोलगप्पे से सजाया जा रहा पूजा पंडाल
21 लाख की लागत से तैयार हो रहा पूजा पंडाल
आकर्षक लाइटिंग के साथ तैयार हो रहे इस पूजा पंडाल की लागत करीब 21 लाख बताई गई है. पंडाल निर्माण पर करीब 11 लाख रुपये और पूरे पूजा आयोजन पर लगभग 21 लाख रुपये खर्च होंगे. पूजा के दौरान आकर्षक विद्युत सज्जा, भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम, महाभोग और प्रसाद वितरण का आयोजन होगा. पूजा समिति के पदाधिकारियों का मानना है कि महंगाई की वजह से बजट हर साल बढ़ रहा है, इसके बाबजूद श्रद्धालुओं की आस्था कम नहीं है और नवरात्र के सभी दस दिन पूरे भक्ति भाव के साथ मां की आराधना की जाएगी.

सनातन संघ दुर्गा पूजा समिति
32 वर्षों से हो रही है शुक्ला कॉलनी में मां दुर्गा की पूजा
करीब 32 वर्षों से रांची के शुक्ला कॉलनी में मां दुर्गा की पूजा होती है. इस मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां आते हैं. इस बार सनातन संघ दुर्गा पूजा समिति ने सड़क किनारे नहीं करके कॉलनी के अंदर खाली जमीन पर पूजा पंडाल बनाने का निर्णय लिया है. पूजा समिति से जुड़े विनय सिंह कहते हैं कि यहां अब स्थायी रुप से मंदिर बनाकर मां की पूजा अर्चना होगी.

गोलगप्पों से बनाया जा रहा पूजा पंडाल
विनय सिंह ने कहा कि इस बार ऐसा पंडाल तैयार हो रहा है जिसमें 11 अक्टूबर से मां के कलश स्थापना के साथ अराधना होगी. नवरात्र के दौरान भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम, महाभोग और प्रसाद वितरण का आयोजन होगा. दर्शन के लिए आने वाली महिलाओं और बच्चों की सुविधा के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था के भी पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं.

पूजा पंडाल में लगाए जा रहे गोलगप्पे
11 अक्टूबर से होगी नवरात्र की शुरुआत
आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होने वाला शारदीय नवरात्र का शुभारंभ 11 अक्टूबर से हो रहा है. मान्यता है कि नवरात्र में नौ दिवसीय पाताल लोक से लेकर देवलोक तक उत्सव का माहौल रहता हैं. इस बार शारदीय नवरात्र का आरंभ रविवार, 11 अक्टूबर से हो रहा है जो 21 अक्टूबर तक चलेगा. इस बार मां का आगमन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हाथी पर सवार होकर है जो अत्यंत शुभ संकेत माना जाता है. इससे देश में अच्छी वर्षा, बंपर फसल, धन-धान्य की वृद्धि और समाज में सुख-समृद्धि का विस्तार होता है.



