साहिबगंज-सकरीगली में मजदूरों और प्रबंधन के बीच श्रम विवाद गहरा गया है. मजदूर 23 नवंबर को डीआरएम कार्यालय में अपनी समस्याओं को लेकर प्रदर्शन करेंगे.
साहिबगंज : साहिबगंज-सकरीगली रेलवे रैक साइडिंग नंबर-6 में मजदूरों और मेसर्स आलोक स्टोन के प्रबंधन के बीच श्रम विवाद गहरा गया है. इस मामले को लेकर झारखंड मजदूर संघ (प्रजातांत्रिक) की जिला कमेटी की बैठक आयोजित की गयी. बैठक में मजदूरों और प्रबंधन के बीच उत्पन्न विवाद, मजदूरी भुगतान और श्रमिकों को मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं पर विस्तार से चर्चा की गयी.
रैक प्लेसमेंट को लेकर विवाद, मुंशी पर गाली-गलौज का आरोप
बैठक की अध्यक्षता जिला कमेटी सदस्य मुन्ना यादव ने की. इस दौरान दोनों पक्षों की बातें बारी-बारी से सुनी गयीं. मजदूरों ने आरोप लगाया कि रैक प्लेसमेंट को लेकर श्रमिक मुन्ना यादव और प्रबंधन के मुंशी रंजय झा के बीच विवाद हुआ था. इस दौरान मुंशी पर कथित रूप से गाली-गलौज और अपशब्दों का प्रयोग करने का आरोप लगाया गया. इससे मजदूरों में आक्रोश है.
चार घंटे इंतजार के बाद भी नहीं मिलता काम, मजदूरों ने उठाया मजदूरी का मुद्दा
मजदूरों का कहना था कि स्टोन चिप्स कंपनी द्वारा निर्धारित समय पर माल की आपूर्ति नहीं किये जाने के कारण उन्हें करीब चार घंटे तक इंतजार करना पड़ता है. इसके बावजूद कई बार बिना काम दिये उन्हें वापस भेज दिया जाता है. मजदूरों ने आरोप लगाया कि प्रबंधन की ओर से जेसीबी मशीन से लोडिंग का काम कराया जाता है.
संघ की बैठक में कहा गया कि जब मजदूर वैगन में आधे से अधिक माल लोड कर चुके थे और आपूर्ति में देरी प्रबंधन की ओर से हुई, तो ऐसी स्थिति में उन्हें पूरी निर्धारित मजदूरी मिलनी चाहिए. मजदूरों ने इसे अपने श्रम अधिकारों से जुड़ा गंभीर मामला बताया.
न्यूनतम मजदूरी के साथ बिजली, पानी और शौचालय की मांग
झारखंड मजदूर संघ (प्रजातांत्रिक) के केंद्रीय महामंत्री राजकुमार यादव ने कहा कि मजदूरों से काम लेने के बाद उनके अधिकारों की अनदेखी करना उचित नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि रैक साइडिंग में न्यूनतम मजदूरी के भुगतान के साथ बिजली, पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं की भी कमी है. मजदूरों को सम्मानजनक व्यवहार और उनके श्रम का उचित पारिश्रमिक मिलना चाहिए.
23 नवंबर को डीआरएम कार्यालय के समक्ष समस्याएं उठाने की चेतावनी
राजकुमार यादव ने चेतावनी दी कि यदि मजदूरों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो झारखंड मजदूर संघ (प्रजातांत्रिक) 23 नवंबर 2026 को डीआरएम कार्यालय, मालदा के समक्ष इन समस्याओं को प्रमुखता से उठायेगा. साथ ही रेलवे प्रशासन को पूरे मामले से अवगत कराया जायेगा.
प्रबंधन ने मजदूरों पर लगाया समय से काम नहीं करने का आरोप
इधर, प्रबंधन के मुंशी रंजय झा ने मजदूरों के आरोपों पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि रैक लोडिंग के दौरान मजदूर समय पर नहीं आते हैं और निर्धारित समय पर काम पूरा नहीं करते हैं. इसी कारण पोकलेन मशीन लगायी जाती है. बैठक में विजय यादव, राकेश राव, संजय रजक, धर्मेंद्र चौधरी सहित अन्य मजदूर और संघ के सदस्य उपस्थित थे



