ग्रामीण भारत की उम्मीद बनीं डॉ. खुशबू प्रिया; बांझपन उपचार को गांवों तक पहुंचाने का मिला राष्ट्रीय सम्मान
साहिबगंज। सूर्या सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल, साहिबगंज की प्रसिद्ध स्त्री रोग एवं बांझपन विशेषज्ञ डॉ. खुशबू प्रिया ने अपने उत्कृष्ट चिकित्सीय कार्यों और दूरदर्शी सोच से न केवल साहिबगंज बल्कि पूरे झारखंड को राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। गुरुग्राम स्थित लीला एंबिएंस होटल एंड रेजिडेंसी में 6 जून 2026 को आयोजित प्रतिष्ठित राष्ट्रीय ओरेशन कार्यक्रम में ग्रामीण क्षेत्रों में बांझपन के निदान एवं उपचार पर प्रस्तुत उनके व्याख्यान को देशभर के विशेषज्ञों ने सराहा।
युवा इंडियन सोसाइटी ऑफ असिस्टेड रिप्रोडक्शन द्वारा आयोजित इस राष्ट्रीय कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से कुल 57 शोधपरक एवं विशेषज्ञ व्याख्यान प्रस्तुत किए गए थे। इनमें से केवल चार सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुतियों का चयन किया गया, जिनमें डॉ. खुशबू प्रिया का नाम शामिल होना साहिबगंज और झारखंड के लिए गौरव की बात मानी जा रही है।

ग्रामीण क्षेत्रों में बांझपन उपचार की चुनौतियों पर रखा पक्ष
अपने चर्चित व्याख्यान “Bridging the Gap in Society – Bringing ART to Rural Areas” में डॉ. खुशबू प्रिया ने ग्रामीण भारत में बढ़ती निस्संतानता की समस्या, जागरूकता की कमी, आर्थिक चुनौतियों तथा आधुनिक उपचार सुविधाओं की सीमित उपलब्धता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।उन्होंने बताया कि यदि विशेषज्ञ चिकित्सकों, स्वयंसेवी संस्थाओं, सामाजिक संगठनों और सरकारी योजनाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए तो अत्याधुनिक असिस्टेड रिप्रोडक्शन टेक्नोलॉजी (ART) सेवाओं को ग्रामीण क्षेत्रों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकता है। उनकी प्रस्तुति वैज्ञानिक तथ्यों के साथ-साथ ग्रामीण समाज की वास्तविक समस्याओं और व्यावहारिक समाधानों पर आधारित थी, जिसने उपस्थित विशेषज्ञों को विशेष रूप से प्रभावित किया।

देशभर के विशेषज्ञों ने की सराहना, मिला विशेष सम्मान
कार्यक्रम में मौजूद देश के वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञों, प्रजनन स्वास्थ्य विशेषज्ञों एवं चिकित्सा जगत की प्रतिष्ठित हस्तियों ने डॉ. खुशबू प्रिया के विचारों और कार्यों की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। कार्यक्रम के समापन पर उन्हें उत्कृष्ट प्रस्तुति और चिकित्सा क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रशस्ति पत्र एवं विशेष सम्मान प्रदान किया गया।यह उपलब्धि केवल डॉ. खुशबू प्रिया की व्यक्तिगत सफलता नहीं है, बल्कि यह इस बात का प्रमाण भी है कि छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में कार्य कर रहे चिकित्सक भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बना सकते हैं। उनकी यह सफलता उन हजारों दंपतियों के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर उभरी है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में रहते हुए बांझपन जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं।साहिबगंज लौटने पर डॉ. खुशबू प्रिया ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उन्हें ग्रामीण क्षेत्रों में बांझपन उपचार को और अधिक सुलभ एवं प्रभावी बनाने के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने कहा कि बांझपन कोई लाइलाज बीमारी नहीं है। समय पर विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श और उचित उपचार के माध्यम से अधिकांश मामलों में सकारात्मक परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।

जिले के साथ राज्य का भी बढ़ाया मान:
सूर्या सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. विजय कुमार एवं निदेशक डॉ. सुमित कुमार सहित पूरे अस्पताल परिवार ने डॉ. खुशबू प्रिया को इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने अपनी प्रतिभा, समर्पण और चिकित्सीय उत्कृष्टता के बल पर न केवल अस्पताल परिवार बल्कि पूरे साहिबगंज और झारखंड का मान राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाया है।




