प्रधानमंत्री आवास योजना में कथित गड़बड़ी पर पंचायत सचिव का घेराव
बोरियो/साहिबगंज। संवाददाता।बोरियो प्रखंड अंतर्गत बांझी संथाली पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) 2.0 की लाभुक सूची में कथित अनियमितता को लेकर मंगलवार को ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। योग्य लाभुकों के नाम सूची से हटाए जाने के विरोध में बड़ी संख्या में ग्रामीण पंचायत भवन पहुंचे और पंचायत सचिव परमानंद मंडल का करीब दो घंटे तक घेराव कर विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान पंचायत की मुखिया मयबिटी बेसरा भी ग्रामीणों के साथ पहुंचीं और विरोध के दौरान पंचायत सचिव का कॉलर पकड़कर नाराजगी जताई। कुछ देर के लिए पंचायत भवन में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।

70 पात्र लाभुकों का नाम हटाने और पैसे मांगने का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि ऑनलाइन सर्वे के बाद तैयार 487 लाभुकों की सूची में से करीब 70 पात्र लाभुकों के नाम ग्रामसभा पंजी में अयोग्य घोषित कर हटा दिए गए, जबकि कई अपात्र लोगों के नाम सूची में बने रहे। मुखिया मयबिटी बेसरा ने आरोप लगाया कि ग्रामसभा की कार्रवाई में उनके हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान नहीं है, जबकि ग्रामसभा अध्यक्ष की स्वीकृति के बिना लाभुक सूची में बदलाव नहीं किया जा सकता। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि पंचायत सहायक राजेश रजवार ने अपनी पत्नी का नाम लाभुक सूची में शामिल कराया तथा लाभुकों से ऑनलाइन सर्वे के दौरान ₹2,000 और ग्रामसभा में योग्य घोषित करने के नाम पर ₹5,000 की मांग की गई। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

वहीं पंचायत सचिव परमानंद मंडल ने कहा कि कुछ पात्र लाभुकों को मानवीय भूलवश अयोग्य चिह्नित कर दिया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि मुखिया द्वारा कॉलर पकड़ना उचित नहीं था। विवाद के बाद पंचायत सचिव ने मुखिया के समक्ष लिखित रूप से माफी मांगी, जिसके बाद मामला शांत हुआ। ग्रामीणों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई, पंचायत सहायक को पदमुक्त करने तथा पात्र लाभुकों के नाम पुनः सूची में शामिल करने की मांग की है।
वहीं, पूरे मामले में बोरियो के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) का पक्ष जानने का प्रयास किया गया। उनसे दूरभाष पर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन खबर लिखे जाने तक संपर्क स्थापित नहीं हो सका। इसलिए इस संबंध में उनका पक्ष समाचार में शामिल नहीं किया जा सका।




