गंगा नदी में जलस्तर बढ़ने और पीपा पुल खुलने के बाद राघोपुर प्रखंड में नाव ही आवागमन का एकमात्र साधन रह गया है।
राघोपुर। गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि के बाद पीपा पुल खोल दिए जाने और सिक्सलेन पुल के एप्रोच रोड पर पानी आ जाने से राघोपुर प्रखंड के लोगों के लिए आवागमन का एकमात्र साधन नाव ही रह गया है।
नाव पर क्षमता से अधिक सवारी और अवैध परिचालन के कारण किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है।
15 सितंबर के अंक में दैनिक जागरण ने उफनती गंगा के बीच ओवरलोड नाव पर जोखिम भरा सफर शीर्षक से खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी।
खबर का संज्ञान लेते हुए अनुमंडल कार्यालय, हाजीपुर ने बिदुपुर-राघोपुर प्रखंड क्षेत्र के छह घाटों पर तीन पालियों में दंडाधिकारी, निरीक्षी पदाधिकारी और पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की है। प्रशासन के आदेश के अनुसार यह व्यवस्था 19 सितंबर से अगले आदेश तक लागू रहेगी।
प्रथम पाली सुबह छह बजे से 10 बजे तक, द्वितीय पाली सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक और तृतीय पाली दोपहर दो बजे से सूर्यास्त तक होगी। कच्ची दरगाह घाट (पटना की तरफ), रुस्तमपुर घाट, जेठूली घाट, चेचर घाट, जमींदारी घाट और खालसा घाट पर दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की गई है।
अनुमंडल कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार प्रखंड विकास पदाधिकारी, राघोपुर को रुस्तमपुर घाट तथा राजस्व पदाधिकारी, राघोपुर राजीव रंजन चौधरी को कच्ची दरगाह घाट (पटना की तरफ) और जेठूली घाट का निरीक्षी वरीय दंडाधिकारी बनाया गया है।
वहीं, प्रखंड विकास पदाधिकारी, बिदुपुर को चेचर घाट और खालसा घाट तथा अंचल अधिकारी, बिदुपुर करिश्मा कुमारी को जमींदारी घाट का निरीक्षी वरीय दंडाधिकारी बनाया गया है।
रुस्तमपुर थानाध्यक्ष को कच्ची दरगाह घाट, जेठूली घाट और रुस्तमपुर घाट पर भ्रमणशील रहकर नावों के परिचालन की निगरानी का निर्देश दिया गया है। इसी प्रकार बिदुपुर थानाध्यक्ष को चेचर घाट, खालसा घाट और जमींदारी घाट पर निगरानी का जिम्मा दिया गया है।
सूर्योदय से सूर्यास्त तक ही होगा नाव का परिचालन
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदर्श नौका नियमावली, 2011 के नियम-9 (ञ) के अनुरूप सामान्य नावों का परिचालन सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच ही किया जाना है।
सभी प्रतिनियुक्त पदाधिकारी घाटों पर अवैध नावों के परिचालन और ओवरलोड सवारी पर कड़ी निगरानी रखेंगे। साथ ही अपर समाहर्ता, आपदा प्रबंधन, वैशाली से महत्वपूर्ण घाटों पर एसडीआरएफ टीम की प्रतिनियुक्ति का अनुरोध भी किया गया है।
घाटों पर कृषि कर्मियों की भी तैनाती
प्रशासन ने सभी घाटों पर तीन पालियों में कर्मियों की विस्तृत सूची जारी की है। तैनात कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार और विकास मित्र के साथ पुलिस पदाधिकारी एवं पुलिस बल भी थाना स्तर से तैनात रहेंगे।
कच्ची दरगाह घाट पर (पटना की तरफ) प्रथम पाली में सुबोध कुमार झा कृषि समन्वयक और नितेश कुमार किसान सलाहकार, द्वितीय पाली में सूरज कुमार कृषि समन्वयक और भारत प्रसाद शाह किसान सलाहकार तथा तृतीय पाली में पवन कुमार कृषि समन्वयक और विद्यासागर राय किसान सलाहकार तैनात रहेंगे।
रुस्तमपुर घाट पर प्रथम पाली में अमित कुमार कृषि समन्वयक और मधुकर पटेल किसान सलाहकार, द्वितीय पाली में शशि भूषण कुमार कृषि समन्वयक और राजेश कुमार सौरभ किसान सलाहकार तथा तृतीय पाली में किशोर कुणाल कुमार कृषि समन्वयक और अभिषेक भूषण किसान सलाहकार की तैनाती की गई है।
जेठूली घाट पर प्रथम पाली में अमित रंजन कृषि समन्वयक और उदय कुमार सिंह किसान सलाहकार, द्वितीय पाली में मनोज कुमार किसान सलाहकार और जय किशोर किसान सलाहकार तथा तृतीय पाली में रंजन कुमार यादव किसान सलाहकार और सुमंत कुमार सुमन किसान सलाहकार तैनात रहेंगे।
चेचर घाट में प्रथम पाली में रोहित रंजन, कृषि समन्वयक प्रखंड बिदुपुर और संजय कुमार कृषि समन्वयक, द्वितीय पाली में जितेंद्र कुमार और सदानंद सिंह कृषि समन्वयक तथा तृतीय पाली में मुकेश कुमार और राकेश रोशन कृषि समन्वयक तैनात रहेंगे।
जमींदारी घाट पर प्रथम पाली में अशोक कुमार, कृषि समन्वयक प्रखंड लालगंज, द्वितीय पाली में रोशन कुमार, किसान सलाहकार बिदुपुर तथा तृतीय पाली में प्रेम प्रकाश सिंह, किसान सलाहकार बिदुपुर की तैनाती की गई है।
वहीं, खालसा घाट पर प्रथम पाली में राजन कुमार और रामकुमार दास विकास मित्र, द्वितीय पाली में नरेश कुमार राम और पंचम कुमार विकास मित्र, प्रखंड बिदुपुर तथा तृतीय पाली में संतोष कुमार और अर्जुन कुमार विकास मित्र, प्रखंड बिदुपुर तैनात रहेंगे।



