कोलेबिरा में ITI भवन बनकर 8 साल से तैयार है, लेकिन पढ़ाई शुरू न होने से गरीब छात्र परेशान हैं. प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की लापरवाही पर उठ रहे सवाल.
सिमडेगा: कोलेबिरा प्रखंड के अघरमा गांव में करीब 8 वर्ष से आईटीआई भवन बनकर तैयार है, लेकिन अब तक यहां पठन-पाठन का कार्य शुरू नहीं हो सका है. इसके कारण क्षेत्र के गरीब छात्र-छात्राओं को तकनीकी शिक्षा के लिए दूसरे स्थानों का रुख करना पड़ रहा है. छात्रों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सवाल किया है कि आखिर कोलेबिरा के आईटीआई में पढ़ाई कब शुरू होगी.
2016 में रखी गई थी आधारशिला, भवन हो रहा जर्जर
कोलेबिरा में आईटीआई भवन की आधारशिला 27 जून 2016 को रखी गई थी. 2 से 3 वर्ष के भीतर भवन का निर्माण पूरा हो गया था, लेकिन वर्षों बीतने के बाद भी यहां पढ़ाई शुरू नहीं हुई. इतना ही नहीं, देखरेख के अभाव में अब भवन जर्जर होने लगा है. खिड़की-दरवाजे टूट रहे हैं, जबकि बिजली के कई उपकरणों की चोरी भी हो चुकी हैं.
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र के विकास के लिए केवल सामुदायिक भवन, पीसीसी सड़क और चबूतरा बनाना पर्याप्त नहीं है. गरीब और जरूरतमंद विद्यार्थियों को बेहतर भविष्य देने के लिए तकनीकी शिक्षा की व्यवस्था भी जरूरी है. आईटीआई में पढ़ाई शुरू होने से क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिल सकते हैं.

बानो में शुरू हुई पढ़ाई, कोलेबिरा के छात्र इंतजार में
कोलेबिरा से सटे बानो प्रखंड में आइटीआइ भवन की आधारशिला सात जुलाई 2021 को तत्कालीन विधायक कोचे मुंडा ने रखी थी. दो से तीन वर्ष में भवन तैयार होने के बाद वहां एक सितंबर 2025 से पठन-पाठन शुरू हो गया. स्थानीय लोगों का कहना है कि बानो में आइटीआइ शुरू कराने के लिए तत्कालीन तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया ने विधानसभा में आवाज उठायी थी. इसके बाद वहां पढ़ाई शुरू हो सकी. वहीं, कोलेबिरा में भवन तैयार होने के करीब आठ वर्ष बाद भी पढ़ाई शुरू नहीं होने को लेकर छात्रों और स्थानीय लोगों में नाराजगी है. उनका कहना है कि आइटीआइ शुरू होने से विशेष रूप से आदिवासी और गरीब छात्र-छात्राओं को तकनीकी शिक्षा का लाभ मिलेगा.
जनप्रतिनिधियों से आईटीआई शुरू कराने की मांग
कोलेबिरा विधानसभा के पूर्व भाजपा प्रत्याशी सूजन मुंडा ने कहा कि आईटीआई में पढ़ाई शुरू नहीं होना स्थानीय विधायक की नाकामी को दर्शाता है. उन्होंने कहा कि भवन जर्जर हो रहा है, इसलिए इसकी मरम्मत कर जल्द से जल्द पढ़ाई शुरू कराई जानी चाहिए. पूर्व निर्दलीय प्रत्याशी बेर्नार्ड कांडुलना ने कहा कि आईटीआई में पढ़ाई शुरू नहीं होना क्षेत्र के बच्चों के साथ अन्याय है. यदि यहां तकनीकी शिक्षा शुरू हो जाती तो गरीब बच्चों को इसका सीधा लाभ मिलता और उन्हें रोजगार के अवसर मिलते. उन्होंने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से जल्द पढ़ाई शुरू कराने की मांग की.
सांसद प्रतिनिधि ने सरकार और प्रशासन को ठहराया जिम्मेदार
सांसद प्रतिनिधि सुनील खड़िया ने कहा कि स्थानीय प्रशासन और राज्य सरकार की नाकामी के कारण अब तक आईटीआई में पढ़ाई शुरू नहीं हो सकी है. उन्होंने कहा कि जब सरकार ने आईटीआई भवन का निर्माण कराया, तो वहां पढ़ाई के लिए आवश्यक सामग्री और शिक्षकों की व्यवस्था भी करनी चाहिए थी. समय पर संसाधन और शिक्षक उपलब्ध करा दिए जाते तो अब तक पढ़ाई शुरू हो चुकी होती. उन्होंने कहा कि आईटीआई को जल्द शुरू कराने के लिए सरकार को आवश्यक कदम उठाना चाहिए, ताकि क्षेत्र के गरीब बच्चों को तकनीकी शिक्षा मिल सके.



