रांची में सनातन संघ दुर्गा पूजा समिति की ओर से गोलगप्पे और चना-चूर कॉर्नर थीम पर 55 फीट ऊंचा पंडाल बनाया जा रहा है. 11 फीट की महिषासुर वध प्रतिमा मुख्य आकर्षण होगी.
रांची : राजधानी रांची के हिनू स्थित शुक्ला कॉलोनी में इस वर्ष सनातन संघ दुर्गा पूजा समिति की ओर से सड़क से हटकर खुले स्थान पर भव्य दुर्गा पूजा का आयोजन किया जाएगा. समिति पिछले 32 वर्षों से लगातार पूजा का आयोजन करती आ रही है. इस बार आम श्रद्धालुओं की सुविधा और सड़क पर यातायात व्यवस्था सुगम बनाए रखने के उद्देश्य से पूजा स्थल को मुख्य सड़क से स्थानांतरित कर कॉलोनी के ही एक बड़े खुले मैदान में शिफ्ट किया गया है.
बंगाल के गोलगप्पे व चना-चूर कॉर्नर की थीम पर बनेगा पंडाल
सनातन संघ दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष कुंदन कुमार सिंह ने बताया कि इस वर्ष पंडाल का विषय (थीम) पश्चिम बंगाल की प्रसिद्ध और लोकप्रिय खाद्य संस्कृति से प्रेरित है. पंडाल के कलात्मक ढांचे में गोलगप्पे की छोटी टोकरी और पारंपरिक चना-चूर खाने वाले कोनों (स्ट्रीट फूड कल्चर) के खूबसूरत मॉडल शामिल किए जा रहे हैं. पंडाल की ऊंचाई लगभग 45 से 55 फीट और चौड़ाई करीब 60 फीट होगी, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का मुख्य केंद्र बनेगी. 11 फीट ऊंची प्रतिमा में दिखेगा महिषासुर वध
इस बार पूजा का मुख्य आकर्षण 11 फीट ऊंची मां दुर्गा की भव्य और जीवंत प्रतिमा होगी. प्रतिमा में मां दुर्गा को महिषासुर का वध करते हुए दर्शाया जाएगा, जिसमें शक्ति और सौम्यता का अद्भुत समन्वय देखने को मिलेगा. इस प्रतिमा को पश्चिम बंगाल के पुरुलिया से आए प्रसिद्ध मूर्तिकार मोहन दास तराश रहे हैं.
21 लाख रुपये का बजट, सुरक्षा और सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम
समिति के अनुसार, केवल पंडाल निर्माण पर करीब 11 लाख रुपये और पूरे पूजा आयोजन पर लगभग 21 लाख रुपये खर्च होंगे. पूजा के दौरान आकर्षक विद्युत सज्जा, भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम, महाभोग और प्रसाद वितरण का आयोजन होगा. दर्शन के लिए आने वाली महिलाओं और बच्चों की सुविधा के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था के भी पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं.
आयोजन समिति में कौन कौन लोग हैं शामिल
आयोजन समिति के प्रमुख पदाधिकारी समारोह को सफल बनाने में समिति के पदाधिकारी अमित कुमार, उमेश शर्मा, देवेश झा, राजेश कुमार सोनू, विनय सिंह, राजीव शर्मा, अमित तिवारी, राकेश शर्मा, अनीश यादव, सिद्धार्थ झा समेत अन्य सदस्य दिन-रात जुटे हुए हैं.



