Dhanbad News: एक मेला संचालक ने धनबाद के उपायुक्त, नगर आयुक्त, एसडीओ समेत ग्यारह लोगों पर न्यायालय के आदेश की अवहेलना और आपराधिक विश्वासघात का आरोप लगाते हुए शिकायतवाद दायर किया है।
धनबाद। गणेश पूजा डिगवाडीह में न्यू झारखंड डिज्नीलैंड के नाम से मेला संचालित करने वाले लोयाबाद निवासी पवन कुमार प्रजापति ने सोमवार को अदालत में उपायुक्त धनबाद आदित्य रंजन, नगर आयुक्त धनबाद आशीष गंगवार, एसडीओ धनबाद लोकेश बरंगे, अंचल अधिकारी झरिया मनोज कुमार, जोड़ापोखर थाना प्रभारी उदय कुमार गुप्ता, मोहन यादव, दिनेश यादव, गणेश यादव, मनोज कुमार ठाकुर, उत्सव राम एवं अवध बिहारी राम के विरुद्ध शिकायतवाद दायर किया है।
धनबाद की अदालत में मंगलवार को होगी सुनवाई
शिकायतकर्ता के अधिवक्ता एमएन रवानी ने बताया कि धनबाद के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में दायर शिकायतवाद संख्या 8086/26 पर सुनवाई मंगलवार को होगी। अदालत में दायर शिकायतवाद में पवन ने आरोप लगाया है कि वह जोड़ापोखर गणेश पूजा में न्यू झारखंड डिज्नीलैंड के नाम से बीते दस वर्षों से मेला लगाता है।
मामला उच्च न्यायालय तक पहुंचा
इस वर्ष मेला लगाने के लिए उसने डीसी धनबाद, एसडीओ धनबाद और नगर आयुक्त धनबाद से अनुमति मांगी, परंतु उनके द्वारा अनुमति नहीं दी गई। उसके आवेदन पर कोई आदेश नहीं किया गया, जिसके बाद उसने झारखंड उच्च न्यायालय में रिट याचिका संख्या 6005/26 दायर की।
इसमें उच्च न्यायालय ने आदेश देते हुए उपायुक्त धनबाद को यह निर्देश दिया कि शिकायतकर्ता के आवेदन पर वह तीन सप्ताह के अंदर कानून के मुताबिक आदेश पारित करें।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि उच्च न्यायालय के आदेश के बाद भी न तो उपायुक्त, न नगर आयुक्त और न ही एसडीओ ने कोई आदेश पारित किया।
बल्कि इन लोगों की मिलीभगत से आरोपी मोहन यादव, दिनेश यादव, गणेश यादव, मनोज कुमार ठाकुर, उत्सव राम और अवध बिहारी राम ने उक्त मेला स्थल पर बांस-बल्ली लगाना शुरू कर दिया, जबकि सीओ झरिया के द्वारा उक्त स्थल पर किसी भी तरह के निर्माण पर रोक लगाई गई थी।
इसकी शिकायत उन्होंने सीओ एवं एसडीओ से भी की, परंतु कोई कार्रवाई नहीं हुई। पवन ने आरोप लगाया है कि जिला प्रशासन उपरोक्त अभियुक्तों की मिलीभगत से अवैध मेले का आयोजन करवा रहा है, जिससे लोक शांति भंग होने की पूरी संभावना है।
जोड़ापोखर थानेदार के खिलाफ गंभीर आरोप
पवन ने यह भी आरोप लगाया है कि जोड़ापोखर थाना प्रभारी उदय कुमार गुप्ता उसे लगातार धमकी दे रहे हैं कि बिना सैरात के मेला नहीं लगाने देंगे। इसके बाद अन्य अभियुक्तों ने जिला प्रशासन की मिलीभगत से उक्त मेला लगाया, जिस कारण राज्य सरकार को 50 हजार रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ।
इसकी जिम्मेवारी जिला प्रशासन के पदाधिकारियों की है, जिन्होंने उच्च न्यायालय के आदेश की अवमानना की और राजस्व की क्षति पहुंचाई।



