चुनाव के समय वोट मांगने पहुंचते हैं जनप्रतिनिधि, ग्रामीणों का सवाल—कब बदलेगी बदहाल सड़क की तस्वीर?
संवादाता अजीत कुमार जायसवाल
साहेबगंज /मंडरो: सीमावर्ती जिला क्षेत्र के गोड्डा जिले के ठाकुरगंगटी प्रखंड क्षेत्र के धरनीचक गांव में विकास के दावों के बीच सड़क की बदहाली ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई है। उत्क्रमित मध्य विद्यालय धरनीचक के पीछे करीब 200 घरों की आबादी वाली बस्ती आजादी के बाद से अब तक पक्की सड़क की सुविधा से वंचित है।
ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव का समय आते ही सांसद, विधायक, मुखिया समेत तमाम जनप्रतिनिधि वोट मांगने के लिए गांव पहुंचते हैं। उस दौरान सड़क, नाली, बिजली और अन्य विकास कार्यों के वादे भी किए जाते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही ग्रामीणों की समस्याएं मानो जनप्रतिनिधियों की प्राथमिकता से बाहर हो जाती हैं।
सड़क नहीं होने के कारण बस्ती के लोगों को रोजमर्रा के आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। बारिश के दिनों में स्थिति और गंभीर हो जाती है। बच्चों को स्कूल जाने, मरीजों को अस्पताल ले जाने तथा जरूरी सामान लाने-ले जाने में ग्रामीणों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों का सवाल है कि जब आजादी के इतने वर्षों बाद भी करीब 200 घरों की बस्ती तक सड़क नहीं पहुंच पाई, तो आखिर विकास की योजनाओं का लाभ इन लोगों तक कब पहुंचेगा? क्या जनप्रतिनिधियों को सिर्फ चुनाव के समय ही यह बस्ती याद आएगी या वास्तव में यहां सड़क निर्माण की पहल भी होगी?
ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से बस्ती की सड़क समस्या का जल्द समाधान कर पक्की सड़क निर्माण कराने की मांग की है।




