पंचायत प्रतिनिधियों व कर्मियों को योजना के प्रावधानों की दी गई जानकारी
तालझारी। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने, टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण करने तथा योजनाओं के पारदर्शी एवं प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर प्रखंड कार्यालय तालझारी के सभागार में VB-G RAM G के तहत एक दिवसीय प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रखंड विकास पदाधिकारी ने की। इसमें प्रखंड की विभिन्न पंचायतों के मुखिया, पंचायत सचिव, रोजगार सेवक एवं कनीय अभियंताओं ने भाग लिया।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को VB-G RAM G के प्रावधानों, उद्देश्यों, संस्थागत ढांचे और योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी ने बताया कि नए प्रावधानों के तहत श्रमिकों को एक वर्ष में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी दी गई है। उन्होंने ग्राम सभा की भूमिका, योजना चयन, अभिलेख संधारण, पारदर्शिता और जवाबदेही के विभिन्न पहलुओं पर भी प्रकाश डाला।
चार श्रेणियों में 58 प्रकार की योजनाओं पर होगा काम
प्रशिक्षण में बताया गया कि स्थानीय जरूरतों और प्राथमिकताओं के आधार पर ग्राम सभा के माध्यम से योजनाओं का चयन किया जाएगा। राज्य सरकार द्वारा जल सुरक्षा, ग्रामीण संरचना, आजीविका संरचना एवं आपदा प्रबंधन से जुड़ी चार प्रमुख श्रेणियों में कुल 58 प्रकार की योजनाओं पर कार्य करने की स्वीकृति दी गई है। युक्तधारा के माध्यम से योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाएगी। इससे रोजगार सृजन के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में उपयोगी एवं टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण होगा।
17 से 20 अगस्त तक गांवों में होगा जागरूकता कार्यक्रम
प्रशिक्षण के अगले चरण में 17 से 20 अगस्त 2026 तक विभिन्न ग्राम पंचायतों में विशेष प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसमें मेट, वार्ड सदस्य, ग्राम प्रधान एवं ग्रामीणों को योजना के प्रावधानों, रोजगार के अवसरों, योजना चयन एवं क्रियान्वयन तथा ग्रामीण विकास में उनकी भूमिका की जानकारी दी जाएगी।
कार्यशाला में मौजूद पंचायत प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने योजना की जानकारी जमीनी स्तर तक पहुंचाने तथा ग्राम सभा की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता जताई। जिला प्रशासन का उद्देश्य VB-G RAM G के माध्यम से ग्रामीण परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ जल सुरक्षा, आजीविका, ग्रामीण अर्थव्यवस्था एवं आपदा प्रबंधन को मजबूत करने वाली टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण करना है।




