प्रशासन ने राजमहल के निजी स्कूलों की कसी कमर. आइडियल प्रिपरेटरी सेंटर की 13 बिंदुओं पर हुई गहन जांच. जानें क्या है वजह.
राजमहल : उपायुक्त दीपक कुमार दूबे के निर्देश पर बुधवार को राजमहल स्थित आइडियल प्रिपरेटरी सेंटर विद्यालय का निरीक्षण किया गया. जिला शिक्षा अधीक्षक उर्मिला हांसदा के नेतृत्व में पहुंची छह सदस्यीय टीम ने विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, बुनियादी सुविधाओं और सरकारी मानकों के अनुपालन की जांच की. इस दौरान कुल 13 बिंदुओं पर विद्यालय की व्यवस्था का आकलन किया गया.
साफ-सफाई से सुरक्षा तक, 13 बिंदुओं पर पड़ताल
जांच के दौरान विद्यालय में साफ-सफाई, स्वच्छता, शिक्षकों की उपलब्धता, शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 के प्रावधानों के अनुपालन और परिसर की सुरक्षा समेत अन्य बिंदुओं की पड़ताल की गयी. टीम ने विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं और निर्धारित मानकों के पालन की स्थिति का जायजा लिया.
सभी निजी विद्यालयों की हो रही जांच
जांच टीम में शिक्षा विभाग से प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी कुणाल किशोर, राजमहल थाना की एसआइ पूजा कुमारी, महिला पर्यवेक्षिका निशिया कुमारी और प्रखंड कल्याण पदाधिकारी कैलाश वर्मा शामिल थे. प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी कुणाल किशोर ने बताया कि डीसी के निर्देश पर प्रखंड क्षेत्र के सभी निजी विद्यालयों की जांच की जा रही है.
जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई
कुणाल किशोर ने बताया कि निरीक्षण के बाद रिपोर्ट तैयार कर संबंधित विभाग को सौंपी जायेगी. रिपोर्ट में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जायेगी. जांच का उद्देश्य निजी विद्यालयों में शैक्षणिक व्यवस्था, बुनियादी सुविधाओं और सुरक्षा सहित सरकारी मानकों के अनुपालन की स्थिति का आकलन करना है.



