बरहरवा में किसानों को डिजिटल फसल सर्वेक्षण, प्राकृतिक खेती, मिट्टी की उर्वरता और सरकारी योजनाओं का प्रशिक्षण दिया गया. जानें कैसे खेती को बनाएं अधिक लाभदायक.
बरहरवा : प्रखंड मुख्यालय स्थित जेएसएलपीएस कार्यालय में आत्मा एवं जेएसएलपीएस के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय डिजिटल फसल सर्वेक्षण सह खेत बचाओ अभियान प्रशिक्षण कार्यक्रम बुधवार को संपन्न हुआ. प्रशिक्षण के दौरान किसानों को प्राकृतिक खेती, मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने तथा सरकारी कृषि योजनाओं का लाभ उठाकर खेती को अधिक लाभकारी बनाने की जानकारी दी गयी.
रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने पर जोर
कार्यक्रम में जिला प्रबंधक आजीविका अनिरुद्ध कुमार एवं बरहरवा के प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक फैज आलम मौजूद रहे. प्रशिक्षण के दौरान बीटीएम अनवारुल अंसारी, कृषक मित्र हरेंद्र कुमार साह एवं एफटीसी सनत कुमार माल ने किसानों को डिजिटल फसल सर्वेक्षण तथा खेत बचाओ अभियान के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया. उन्होंने रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों पर निर्भरता कम करने, जीवामृत और बीजामृत सहित प्राकृतिक कृषि आदानों के उपयोग तथा मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के उपायों की जानकारी दी. साथ ही कम लागत में गुणवत्तापूर्ण कृषि उत्पादन बढ़ाने, पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया.
कृषि योजनाओं के लाभ और उपयोगिता की दी जानकारी
प्रशिक्षण के दौरान पीएम-कुसुम योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत प्रति बूंद अधिक फसल, किसान समृद्धि योजना एवं ब्लॉकचेन आधारित कृषि व्यवस्था सहित विभिन्न कृषि योजनाओं की जानकारी दी गयी. किसानों को इन योजनाओं के उद्देश्य, लाभ एवं उपयोगिता के बारे में बताया गया.
प्रशिक्षण में ये रहे मौजूद
मौके पर आईएफसी एंकर सुनीता मरांडी एवं विशाल मंडल तथा बीआरपी (लाइवलीहुड) रहीम विश्वास, रामू रजवार, मिथुन मंडल सहित अन्य मौजूद थे.



