170 पेटी शराब जब्त मामले में 7 महीने बाद भी उत्पाद विभाग की कार्रवाई पर सवाल. शराब व्यापारी संघ ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग.
रांची. रांची से हरमू रोड स्थित शराब दुकान के लिए भेजी गयी 170 पेटी शराब रामगढ़ में बरामद होने के मामले में करीब सात माह बाद भी उत्पाद विभाग की कार्रवाई स्पष्ट नहीं है. शराब व्यापारी संघ ने पूरे मामले की स्वतंत्र और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है.
संघ के महासचिव सुबोध कुमार जायसवाल ने कहा है कि 170 पेटी शराब जेएसबीसीएल पिस्का (नगड़ी) से हरमू रोड स्थित मुक्तिधाम वाइन शॉप के लिए भेजी गयी थी. संघ का दावा है कि निर्धारित गंतव्य के बजाय शराब की यह खेप रामगढ़ क्षेत्र में बरामद हुई.
सात महीने बाद भी जवाब क्यों नहीं?
शराब व्यापारी संघ ने सवाल उठाया है कि यदि शराब की खेप रामगढ़ में बरामद हुई थी, तो सात माह बीतने के बाद भी संबंधित लाइसेंस पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई. यदि विभाग ने कार्रवाई की है, तो इसकी जानकारी सार्वजनिक क्यों नहीं की गयी. संघ ने यह भी सवाल उठाया है कि क्या मामले में किसी अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका अथवा लापरवाही की जांच की गयी है.
उत्पाद मंत्री व आयुक्त से की थी शिकायत
सुबोध कुमार जायसवाल ने बताया कि संघ ने 10 जुलाई 2023 को उत्पाद मंत्री और उत्पाद आयुक्त को लिखित शिकायत दी थी. शिकायत के साथ प्राथमिकी, जब्ती सूची समेत अन्य दस्तावेज भी उपलब्ध कराये गये थे. इसके बावजूद विभाग की ओर से अब तक कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट नहीं की गयी है. संघ ने इसकी शिकायत उत्पाद सचिव और उत्पाद आयुक्त से भी की है. संघ ने सरकार से मांग की है कि पूरे मामले की स्वतंत्र और उच्चस्तरीय जांच करायी जाये.
लाइसेंस पर कार्रवाई का विवरण सार्वजनिक हो
शराब व्यापारी संघ ने मांग की है कि यह स्पष्ट किया जाये कि संबंधित लाइसेंसधारी के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई है. यदि लाइसेंस रद्द नहीं किया गया है, तो इसके कारण भी सार्वजनिक किये जायें.



