बगहा-एक प्रखंड में पंचायतों के पुनर्गठन और परिसीमन की प्रक्रिया चल रही है, जिससे वर्तमान 24 पंचायतों की संख्या बढ़कर 34-35 होने की संभावना है।
बगहा। बगहा-एक प्रखंड में पंचायतों के पुनर्गठन और परिसीमन की प्रक्रिया के बीच पंचायतों की संख्या बढ़ने की संभावना को लेकर चर्चा तेज हो गई है। वर्तमान में प्रखंड में 24 ग्राम पंचायतें हैं। प्रारंभिक स्तर पर बड़ी आबादी वाली पंचायतों को विभाजित कर नई पंचायतों के गठन की कवायद चल रही है।
हालांकि, अंतिम संख्या परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। बिहार में वर्ष 2026 में पंचायत परिसीमन की प्रक्रिया चल रही है और इसमें जनसंख्या को आधार बनाया जा रहा है। बगहा-एक में करीब 2 लाख 85 हजार मतदाता हैं।
यदि औसतन आठ हजार की आबादी के आसपास पंचायत गठन के प्रारंभिक प्रस्ताव को आधार मानकर गणना की जाए तो प्रखंड में पंचायतों की संख्या मौजूदा 24 से काफी बढ़ सकती है।
हालांकि, यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि पंचायत गठन की गणना मतदाताओं की संख्या से नहीं, बल्कि निर्धारित जनसंख्या और परिसीमन के अन्य मानकों के आधार पर होगी, इसलिए 34-35 पंचायतों का आंकड़ा फिलहाल संभावित गणना के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
10 से 11 नई पंचायतों के गठन की चल रही चर्चा
बगहा-एक के बीडीओ प्रदीप कुमार के अनुसार पंचायतों के पुनर्गठन को लेकर अभी परिसीमन की प्रक्रिया चल रही है। प्रारंभिक स्तर पर बड़ी आबादी वाली पंचायतों के पुनर्गठन और करीब 10 से 15 नई पंचायतों के गठन को लेकर प्रस्ताव की चर्चा है।
पहले से सामने आई जानकारी के अनुसार सात से आठ हजार की आबादी को आधार मानकर नई पंचायतों के गठन की संभावना पर काम किया जा रहा है।
परिसीमन में केवल आबादी ही नहीं, बल्कि पंचायतों की भौगोलिक स्थिति, राजस्व ग्रामों की सीमाएं और प्रशासनिक सुविधा जैसे पहलुओं को भी ध्यान में रखा जा रहा है।
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार 2026 के पंचायत परिसीमन में 2011 की जनगणना आधारित आंकड़ों और संबंधित प्रशासनिक सीमाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है।
अंतिम फैसला परिसीमन पूरा होने के बाद
प्रखंड में पंचायतों की संख्या कितनी बढ़ेगी, कौन-कौन से गांव नई पंचायतों में शामिल होंगे और वर्तमान पंचायतों की सीमाओं में कितना बदलाव होगा, यह परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
ऐसे में 24 से बढ़कर 34-35 पंचायत होने की संभावना को अभी अंतिम आंकड़ा नहीं माना जा सकता। फिलहाल प्रशासनिक स्तर पर प्रस्ताव और परिसीमन की कवायद जारी है।



