बिहार के जमुई में सामने आई छेड़छाड़ की घटना ने एक बार फिर महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना का वीडियो सामने आने के बाद लोगों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
पटना/जमुई। बिहार के जमुई में सामने आई हालिया घटना ने एक बार फिर महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में नाबालिग छात्र-छात्रा स्कूटर पर बैठे दिखाई दे रहे हैं, जबकि कुछ युवकों की भीड़ उन्हें घेरकर खड़ी है। घटना का वीडियो सामने आने के बाद लोगों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
यह कोई पहला मामला नहीं है, जब छेड़खानी या महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार की घटना सामने आई हो। देश के अलग-अलग हिस्सों से समय-समय पर ऐसी घटनाएं सामने आती रही हैं।
इन घटनाओं के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि घर से पढ़ाई, नौकरी या किसी जरूरी काम के लिए निकलने वाली महिलाएं और छात्राएं खुद को असहज या असुरक्षित स्थिति में पाए जाने पर क्या करें?
अगर आप भी रोजाना घर से बाहर निकलती हैं, तो कुछ जरूरी सावधानियां आपको ऐसी परिस्थितियों में सुरक्षित रहने और समय रहते मदद हासिल करने में मदद कर सकती हैं।
किसी अनजान जगह पर भीड़ से घिर जाने, पीछा किए जाने, छेड़खानी या किसी अन्य तरह के खतरे की स्थिति में घबराने के बजाय इन बातों का ध्यान रखें।
बिहार पुलिस ने आमजन से की अपील

(बिहार पुलिस ने आम लोगों से की अपील।)
बता दें कि जमुई की घटना के बाद बिहार पुलिस अब ऐसे अन्य लोगों, अकाउंट, पेज और वेबसाइट की पहचान कर रही है, जिन्होंने नाबालिग से संबंधित आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट या प्रसारित की है।
बिहार पुलिस ने लोगों से ऐसे वीडियो को साझा या रीपोस्ट नहीं करने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि संवेदनशील सामग्री को आगे प्रसारित करने के बजाय उसकी सूचना संबंधित एजेंसी को देनी चाहिए।
ऐसे में सवाल है कि यदि किसी नाबालिग से जुड़ा आपत्तिजनक वीडियो या फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो जाए तो क्या करना चाहिए? ऐसी स्थिति में कुछ जरूरी सावधानियां बरतनी चाहिए।
वीडियो वायरल हो तो सबसे पहले क्या करें?
किसी नाबालिग से संबंधित आपत्तिजनक वीडियो सामने आने पर उसे आगे शेयर, रीपोस्ट या किसी दूसरे प्लेटफॉर्म पर अपलोड नहीं करना चाहिए। इससे वीडियो का प्रसार और बढ़ सकता है।
यदि किसी अकाउंट से ऐसी सामग्री पोस्ट की गई है तो संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के रिपोर्ट विकल्प से उसकी शिकायत की जा सकती है। जरूरत होने पर पुलिस या साइबर सेल को भी सूचना दें।
पीड़िता की पहचान उजागर न करें
नाबालिग का नाम, चेहरा, पता, स्कूल, परिवार, मोहल्ला या ऐसी कोई अन्य जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए, जिससे उसकी पहचान सामने आ सके।
POCSO की धारा 23 के तहत मीडिया में बच्चे की पहचान उजागर करने वाली जानकारी प्रकाशित करने पर रोक है। इसमें नाम, पता, फोटो, परिवार, स्कूल, पड़ोस या पहचान सामने लाने वाली अन्य जानकारी शामिल है।
आपात स्थिति में 112 पर करें कॉल
यदि किसी महिला या बच्चे को तत्काल खतरा है या घटना उसी समय हो रही है तो 112 पर पुलिस सहायता ली जा सकती है। बिहार पुलिस की वेबसाइट पर 112 को आपातकालीन हेल्पलाइन के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।
महिलाओं के लिए ध्यान रखने योग्य बातें

जरूरी हेल्पलाइन नंबर
- 112 – आपातकालीन पुलिस सहायता
- 181 – महिला हेल्पलाइन
- 1098 – चाइल्ड प्रोटेक्शन हेल्पलाइन
- 1930 – साइबर क्राइम हेल्पलाइन (स्रोत:विभागीय वेबसाइट)
यदि किसी नाबालिग का आपत्तिजनक वीडियो या फोटो सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जा रहा है तो इसकी शिकायत साइबर अपराध तंत्र को की जा सकती है।



