तालझारी स्टेशन पर 1960 से हो रही काली पूजा अब भव्य रूप ले चुकी है. तिरपाल से शुरू होकर ग्रामीणों के सहयोग से बने मंदिर की कहानी जानें.
तालझारी : तालझारी प्रखंड मुख्यालय सहित आसपास के क्षेत्रों में दीपावली और काली पूजा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं. लोग अपने-अपने घरों की साफ-सफाई के साथ रंग-रोगन करवाने में जुटे हैं. बाजारों में रंग-बिरंगी लाइटें सज गई हैं. इस बीच, क्षेत्र की आस्था का मुख्य केंद्र माने जाने वाले तालझारी रेलवे स्टेशन परिसर स्थित काली मंदिर में भी रंग-रोगन और साज-सज्जा का काम जोरों पर चल रहा है.
तिरपाल से हुई थी शुरुआत, अब ग्रामीणों के सहयोग से बना भव्य मंदिर
कमिटी के अध्यक्ष मनोज चौरसिया और उपाध्यक्ष शुभम् सिंह ने बताया कि तालझारी स्टेशन पर साल 1960 से लगातार काली पूजा का आयोजन होता आ रहा है. पूर्व में पूजा का आयोजन तिरपाल से ढक कर किया जाता था. इसके बाद 1990 के करीब पक्की मंदिर का निर्माण किया गया. वर्तमान में स्थानीय ग्रामीणों की मदद से इसे और भी भव्य रूप दे दिया गया है. पहले इस पूजा का आयोजन रेलवे की ओर से होता था, लेकिन लगभग 20 वर्ष पूर्व समिति का गठन किया गया. अब समिति ही इसका संचालन करती है, जिसमें रेलवे की ओर से भी मदद मिलती है. आज स्थानीय युवा बढ़-चढ़कर इस आयोजन को सफल बनाने में जुटे हैं.
मन्नत पूरी होने पर दी जाती है बलि, दूसरे दिन लगेगा भव्य मेला
तालझारी स्टेशन परिसर में होने वाली यह काली पूजा पूरे क्षेत्र के लिए अगाध आस्था का केंद्र है. मान्यता है कि श्रद्धालुओं की मन्नत पूर्ण होने पर यहां पांठा (बकरे) की बलि दी जाती है. काली पूजा के दूसरे दिन यहां भव्य मेले का आयोजन किया जाता है, जिसमें आसपास के इलाकों से लोगों की भारी भीड़ उमड़ती है. इस वर्ष पूजा, पंडाल, आकर्षक लाइटिंग और प्रतिमा निर्माण आदि में करीब 2 से ढाई लाख रुपये खर्च होने की संभावना है. स्थानीय मूर्तिकार मन्ना रिखियासन द्वारा प्रतिमा बनाने का कार्य किया जा रहा है.
सरकारी नियमों का हो रहा पालन, शांतिपूर्ण आयोजन के लिए समिति सक्रिय
पूजा और मेले को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए समिति पूरी तरह सक्रिय है और सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन किया जा रहा है. आयोजन को सफल बनाने में अध्यक्ष मनोज चौरसिया और उपाध्यक्ष शुभम् सिंह के साथ मोहन गुप्ता, राजकिशोर दुबे, अमित पासवान, सुमित पासवान, पंकज कुमार, गौतम कुमार, नंदन पासवान, गोलू कुमार, कुंदन कुमार, करण कुमार सहित अन्य सदस्य दिन-रात जुटे हुए हैं.
क्या कहते हैं समिति के अध्यक्ष?
अध्यक्ष मनोज चौरसिया ने कहा, “इस वर्ष भी तालझारी में काली पूजा बेहद धूमधाम से मनाई जाएगी. भव्य पूजा पंडाल के साथ आकर्षक लाइट और साज-सज्जा की जा रही है. पूजा के दूसरे दिन भव्य मेले का आयोजन होगा. इस पूरे आयोजन में स्थानीय ग्रामीणों के साथ-साथ युवा वर्ग बढ़-चढ़कर सहयोग कर रहे हैं. इस साल कुल बजट करीब दो से ढाई लाख रुपये रहने की संभावना है.”



