बिजली व्यवस्था के खिलाफ ग्रामीणों के सड़क जाम में फंसने पर पूर्व विधायक सीता सोरेन ने राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने भ्रष्टाचार और मूलभूत सुविधाओं के लिए जनता को आंदोलन करने पर मजबूर करने का आरोप लगाया।
संवाद सहयोगी, हंसडीहा (दुमका)। बिजली व्यवस्था के खिलाफ ग्रामीणों द्वारा किए गए सड़क जाम के दौरान पूर्व विधायक सह भाजपा नेत्री सीता सोरेन भी जाम में फंस गईं। वह हंसडीहा के रास्ते कहीं जा रही थीं। काफी देर तक जाम में फंसे रहने के बाद उन्होंने राज्य सरकार की कार्यशैली पर जमकर नाराजगी जताई।
सीता सोरेन ने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार का बोलबाला है और आम जनता परेशान है। जनता को मूलभूत सुविधाओं के लिए भी आंदोलन और सड़क जाम करने को मजबूर होना पड़ रहा है। बिजली जैसी आवश्यक सेवा की स्थिति यदि इतनी खराब हो जाए कि लोगों को सड़क पर उतरना पड़े, तो यह सरकार और संबंधित विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।
ग्रामीण लगातार बिजली की समस्या झेल रहे
उन्होंने कहा कि ग्रामीण लगातार बिजली की समस्या झेल रहे हैं। कहीं बिजली नहीं है तो कहीं लो वोल्टेज की समस्या है। उपभोक्ता अपनी शिकायत लेकर अधिकारियों के पास जाते हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का उचित समाधान नहीं होता। सरकार को जनता की परेशानी को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों की जवाबदेही तय करनी चाहिए।
पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि राज्य में व्यवस्था का लाभ आम जनता तक पहुंचने के बजाय भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को जनता की समस्याओं को सुनना होगा और जमीनी स्तर पर व्यवस्था में सुधार करना होगा।
सरकार को समस्याओं का समाधान करे
सीता सोरेन ने ग्रामीणों की मांगों को जायज बताते हुए कहा कि जनता की आवाज दबाने के बजाय सरकार को उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए।



