उधवा। झारखंड और पश्चिम बंगाल की सीमा से सटे दियारा क्षेत्र में देर रात कथित रूप से अश्लील नृत्य कार्यक्रम आयोजित किए जाने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि कुछ आयोजकों द्वारा पश्चिम बंगाल और बिहार समेत अन्य राज्यों से नर्तकियों को बुलाकर रातभर कार्यक्रम कराया जाता है। इन आयोजनों में बड़ी संख्या में युवाओं के साथ-साथ उम्रदराज लोग भी पहुंचते हैं। सूत्र बता रहे है कि इस मनोरंजन के नाम पर देर रात तक चलने वाले इन कार्यक्रमों में तेज आवाज में डीजे और लाउडस्पीकर बजाए जाते हैं। इससे आसपास के लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। खासकर स्कूली बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने के साथ ही बुजुर्गों, महिलाओं और अन्य ग्रामीणों की नींद में भी खलल पड़ता है। दियारा क्षेत्र में इस तरह के नृत्य कार्यक्रमों का आयोजन पिछले कई वर्षों से अलग-अलग स्थानों पर किए जाते है। कुछ स्थानों पर शिकायत और कार्रवाई के बावजूद समय बीतने के बाद दोबारा ऐसे आयोजन शुरू हो जाते हैं। कार्रवाई नहीं होने पर आयोजकों के हौसले बुलंद हो जाते है। सूत्रों के अनुसार, पूर्व में थाना क्षेत्र के कुछ स्थानों पर नृत्य कार्यक्रमों की आड़ में कथित रूप से अवैध जुआ संचालित किए गए थे। हालांकि, ऐसी खबरें सामने आने के बाद प्रशासन की ओर से कार्रवाई भी की गई थी।कुछ प्रभावशाली और दबंग प्रवृत्ति के लोगों के संरक्षण में ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसी वजह से कई ग्रामीण खुलकर विरोध करने से बचते हैं। स्थानीय लोगों के द्वारा विरोध करने या शिकायत करने वालों पर कथित रूप से दबाव बनाने और डराया धमकाया भी जाता है। प्राणपुर-पलाशगाछी क्षेत्र के चुआर में भी देर रात नृत्य कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। जहां कार्यक्रम स्थल और उसके आसपास कथित रूप से नशीले पदार्थों की बिक्री होने की बातें भी सामने आई हैं। चर्चाओं में एमडीएमए जैसे प्रतिबंधित मादक पदार्थ का नाम भी लिया जा रहा है। यह भी चर्चा है कि सीमा क्षेत्र होने के कारण नदी मार्ग और नावों के माध्यम से नशीले पदार्थों की खेप पहुंचाई जाती है और फिर उसे छोटे-छोटे समूहों में खपाया जाता है। देर रात तक अश्लील नृत्य कार्यक्रम और कथित नशीले पदार्थों का कारोबार क्षेत्र के सामाजिक वातावरण के लिए गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। इसका सबसे अधिक असर युवा पीढ़ी पर पड़ने लगा है। यदि समय रहते ऐसे आयोजनों पर प्रभावी रोक नहीं लगाई गई तो क्षेत्र में अपराध और असामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है।




