मरीजों से पूछा हाल, इलाज-दवा और जांच की जानी हकीकत
साहिबगंज। सदर अस्पताल में मरीजों को मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं की हकीकत जानने के लिए शुक्रवार को अपर समाहर्ता विजय कुमार ने औचक निरीक्षण किया। बिना पूर्व सूचना अस्पताल पहुंचे अपर समाहर्ता ने अलग-अलग विभागों का जायजा लिया और मरीजों से सीधे बातचीत कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान अस्पताल प्रबंधन को मरीजों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया।

वार्ड से लेकर जांच केंद्र तक की पड़ताल
निरीक्षण के क्रम में अपर समाहर्ता ने ओपीडी, विभिन्न वार्डों, इमरजेंसी, दवा वितरण केंद्र और जांच से जुड़े कक्षों का निरीक्षण किया। उन्होंने मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सुविधाओं के साथ दवाओं और जांच की स्थिति की जानकारी ली। अस्पताल परिसर में साफ-सफाई और मरीजों के लिए उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं का भी जायजा लिया गया।
अपर समाहर्ता ने चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों से अस्पताल में प्रतिदिन आने वाले मरीजों की संख्या तथा उन्हें दी जा रही सेवाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने मौके पर मौजूद मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत कर यह जानने का प्रयास किया कि इलाज के दौरान उन्हें किसी तरह की परेशानी तो नहीं हो रही है।
दवा वितरण में संधारण नहीं मिलने पर सिविल सर्जन को निर्देश
निरीक्षण के दौरान दवा वितरण व्यवस्था में कुछ कमियां सामने आईं। अपर समाहर्ता ने बताया कि दवाओं के वितरण से संबंधित संधारण व्यवस्था सही तरीके से नहीं पाई गई। दवा वितरण का लेखा-जोखा भी मौके पर उपलब्ध नहीं था। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने सिविल सर्जन को आवश्यक कार्रवाई करते हुए दवा वितरण की समुचित संधारण एवं लेखा-जोखा व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी
अस्पताल की व्यवस्था को लेकर अपर समाहर्ता ने संबंधित अधिकारियों को कई आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों के साथ संवेदनशील व्यवहार किया जाए और उन्हें इलाज, दवा तथा जांच की सुविधा के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने अस्पताल परिसर की स्वच्छता को लेकर भी विशेष सतर्कता बरतने को कहा। साथ ही चिकित्सकीय सेवाओं में समयबद्धता बनाए रखने और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

नियमित निगरानी पर जोर
अपर समाहर्ता ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा सीधे आम लोगों के जीवन से जुड़ा विषय है। ऐसे में सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं की नियमित समीक्षा जरूरी है। उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं में जहां भी सुधार की गुंजाइश है, वहां तत्काल कार्रवाई करने को कहा।
निरीक्षण के अंत में संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को अस्पताल की कार्यप्रणाली पर लगातार नजर रखने तथा मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।



